बदायूॅं जनमत। हाईटेंशन तारों की चपेट में आने से घायल अवस्था में मिला राजकीय पक्षी सारस ने दूसरे दिन उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। सारस को बरेली स्थित आईवीआरआई भेजा गया था, जहां पोस्टमार्टम करने के बाद उसे दफनाया गया।
घटना मंगलवार सुबह थाना कुंवरगांव क्षेत्र के ग्राम चकोलर फरीदपुर के जंगल में हुई। हाईटेंशन तार की चपेट में आने से सारस बुरी तरह झुलस गया था। खेतों पर पहुंचे ग्रामीणों ने घायल सारस को तड़पते हुए देखा और तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने सारस को खेत से उठाकर सड़क पर रखा था। वन विभाग की टीम सारस को सलारपुर स्थित पशु चिकित्सालय ले गई, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। बाद में सारस को आरवोटेरियम पौधशाला में रखा गया।
बताया जाता है कि सारस ने बुधवार सुबह दम तोड़ दिया। वन विभाग के सीओ विकास कुमार वरुण ने सारस के शव को कब्जे में लेकर स्वयं बरेली पहुंचाया। बरेली के आईवीआरआई में दो सदस्यीय टीम ने सारस के शव का पोस्टमॉर्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग और आईवीआरआई की टीम ने सारस को बरेली में ही दफना दिया। वन विभाग की ओर से बताया गया कि करंट लगने से सारस 80 प्रतिशत झुलस गया था, जिसके कारण उसका शरीर बेदम हो गया और उसे बचाया नहीं जा सका।






