ज़ौक़ वज़ीरगंजवी के दसवें की फातिहा मुकम्मल, शायरों ने पढ़ा- इसे ऐ ज़ौक़ कहते हैं कमाले शाने यकताई
बदायूॅं जनमत। देखिये मेरे नबी की क्या निराली शान है, ऐसे ही सैकड़ों नात व मनकबत और ग़ज़ल के शेरों के ख़ालिक़ आले अहमद ज़ौक़ वज़ीरगंजवी के दसवे की फातिहा उनके निज निवास पर मुकम्मल हुई। फातिहा में नगर के हाफ़िज़ उलेमा एवं मोअज़्ज़िज़ लोग मौजूद रहे। बताते चलें कि मशहूर शायर हिलाल बदायूंनी के […]
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