बदायूॅं जनमत। ‘सब ठाकुर हैं, सब उनके ही आदमी हैं। मेरे बच्चे की बात किसी ने नहीं सुनी’, पोस्टमार्टम हाउस के बाहर यह कहते-कहते एथेनॉल प्लांट में मारे गए सहायक महाप्रबंधक हर्षित मिश्रा की मां रानी देवी बार-बार बेहोश हो जा रही थीं। बेटे के शव का इंतजार कर रही मां कभी रो पड़तीं, कभी गुस्से में सवाल पूछने लगतीं। उनका कहना है कि हर्षित ने कई बार पहले ही अपनी जान को खतरा होने की बात कही थी। उसने अधिकारियों को बताया था कि एक व्यक्ति उसे लगातार धमका रहा है, गाड़ियों का पीछा करता है और खुलेआम कहता है कि वह उसे नहीं छोड़ेगा।
रानी देवी का आरोप है कि बेटे ने जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारियों और विधायक तक से गुहार लगाई थी, लेकिन किसी ने इस खतरे को गंभीरता से नहीं लिया। वह रोते हुए बार-बार यही सवाल दोहरा रही थीं कि आखिर क्यों मीटिंग में इतने लोग थे, फिर भी केवल मेरे बच्चे को ही क्यों मार दिया गया? किसी और को खरोंच तक नहीं आई। एथेनॉल प्लांट के जनरल मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता और सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) हर्षित मिश्रा और की हत्या गुरुवार दोपहर उस समय कर दी गई जब वे प्लांट परिसर में मौजूद थे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
घटना के बाद जब दोनों अधिकारियों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए, तो अस्पताल परिसर के बाहर परिजनों और रिश्तेदारों की भीड़ जुट गई। हर चेहरे पर सदमा था और हर किसी के मन में कई सवाल, सबसे मार्मिक दृश्य तब सामने आया जब हर्षित मिश्रा की मां रानी देवी अपने बेटे के लिए बिलखते हुए न्याय की गुहार लगाने लगीं। उनका दर्द शब्दों में नहीं समा रहा था। रोते हुए उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने कई बार पहले ही अपनी जान को खतरा होने की बात बताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम धमकियां देता था और अपने प्रभाव का हवाला देकर डराता था, लेकिन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। मां की आवाज बार-बार भर आती थी। वह कहती रहीं कि उनके बेटे ने डीएम, एसपी और स्थानीय विधायक तक से गुहार लगाई थी, लेकिन कहीं से मदद नहीं मिली। उनके आरोपों में एक और बात भी थी जिसने वहां मौजूद लोगों को चुप कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें शक है कि सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक हुई है।


