बंगाल में विरोध; हाथ में संविधान लेकर सड़क पर उतरीं CM ममता बनर्जी, SIR के खिलाफ निकाली रैली

राष्ट्रीय

बंगाल जनमत। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार को हाथ में संविधान लेकर सड़क पर उतरीं और चुनाव आयोग के विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ जोरदार रैली निकाली। CM बनर्जी ने इसे ‘साइलेंट इनविजिबल रिगिंग’ यानी शांत अदृश्य धांधली करार देते हुए केंद्र की भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।
यह विरोध मार्च सुबह डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित कर रेड रोड से शुरू हुआ और रविन्द्रनाथ टैगोर के पैतृक घर जोरसांको ठाकुरबाड़ी पर जाकर समाप्त हुआ। रैली के दौरान हजारों की संख्या में टीएमसी कार्यकर्ता तिरंगे और पार्टी के झंडे थामे ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘बंगाल का वोट बंगाल का हक’ जैसे नारे लगाते हुए शामिल हुए।
ममता बनर्जी पारंपरिक सफेद सूती साड़ी और चप्पल में दिखीं। उन्होंने बीच-बीच में सड़क किनारे खड़े लोगों का अभिवादन किया, जबकि उनके साथ भतीजे और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी तथा वरिष्ठ मंत्री और नेता भी मौजूद रहे।

देश के 12 राज्यों में SIR शुरू…

गौरतलब है कि SIR की दूसरी फेज की प्रक्रिया 4 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगी। इसके तहत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण होगा। पश्चिम बंगाल में इसका महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि राज्य में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। वहीं ममता बनर्जी ने चेतावनी दी, “अगर मतदाता सूची से नाम हटाने या मताधिकार छीनने की कोशिश हुई तो हम संविधान की शपथ लेकर सड़कों पर लड़ेंगे।”

 

 

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