बदायूॅं जनमत। इन दिनों जिले की फैजगंज बेहटा पुलिस फर्जी दबिश देने को लेकर चर्चाओं में चल रही है। हालांकि कानून को ताख पर रखकर काम करने वाले थानाध्यक्ष, दो दरोगा और एक सिपाही को तेज तर्रार एसएसपी ने निलंबित कर दिया है। जिस मामले में निलंबित किया गया वैसा ही एक और मामला प्रकाश में आया है। फैजगंज बेहटा थाना पुलिस पर एक और फर्जी दबिश देने का आरोप लगा है। इसकी शिकायत पर सीओ बिसौली ने जांच शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि पुलिस लेनदेन के मामले में संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर वावई गांव में पहुंची थी और वहां मौजूद परिवार वालों को धमकाया था। मामले से संबंधित वीडियो भी वायरल हो रहा है। पुलिस पर घर में तोड़फोड़ करने का भी आरोप लगाया है। सीओ बिसौली ने कहा है कि इस मामले की जांच की जा रही है। इसमें जो सच्चाई होगी उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर वावई निवासी अनीस अहमद पुत्र भूरे खान ने एसएसपी बदायूं और डीआईजी से शिकायत की है। उनका कहना है कि फैजगंज बेहटा थाना पुलिस ने उनके घर में आकर दबिश दी थी। उस दौरान घर में केवल महिलाएं थीं। उनके साथ गाली गलौज की और तोड़फोड़ करते हुए उन्हें धमकाया था। महिलाओं ने कहा था कि घर पर अनीस नहीं है, केवल उनके भाई हैं। उनके घर में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने कहा था कि आदिल उर्फ शान मोहम्मद उनके करीबी हैं। अनीस आए तो बता देना, वरना उसका एनकाउंटर कर दिया जाएगा। अनीस का कहना है कि दबिश देने आई पुलिस टीम में दो महिला कांस्टेबल और चार सिपाही व एक दारोगा भी शामिल था जबकि उसके खिलाफ कोई मुकदमा भी दर्ज नहीं है।
केवल पुलिसकर्मी एक खनन माफिया के कहने पर उसके घर पर आए थे और उन्होंने सरकारी गाड़ी का भी इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों से कोई अनुमति भी नहीं ली गई। उनके बूढ़े माता-पिता को धमकाया गया, जिससे वह काफी दहशत में हैं। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के कहने पर पुलिस आई थी। वह उनकी जेसीबी मशीन किराये पर ले गया था। उस पर 1.75 लाख रुपये उधार हैं। उसने रुपये तो नहीं दिए। उल्टे उनके घर पर दबिश डलवाई। अनीस ने डीआईजी बरेली से शिकायत करते हुए सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसको लेकर सीओ बिसौली ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस संबंध में सीओ बिसौली सुनील कुमार ने बताया कि ‘शिकायत आई है, जांच की जा रही है। इसमें यह तो पता चल गया है कि पुलिस दबिश देने गई थी। अनुमति ली गई थी या नहीं, यह पता लगाया जा रहा है। इसमें तहरीर देने वाले को भी बुलाया गया है।

