बदायूॅं जनमत। बीती रात एक युवक द्वारा किया गया दो लाख रुपये और मोबाइल लूटने का दावा झूठा निकला है। पुलिस पूछताछ में साजिश का राजफाश हुआ है। एक युवक ने ससुराल जाते समय लूट का दावा किया था, लेकिन पुलिस की गहन पूछताछ में सामने आया कि यह सूचना जमीन के सौदे के लिए सहानुभूति हासिल करने की साजिश का हिस्सा थी।
घटनास्थल कोतवाली दातागंज क्षेत्र था। बरेली के भमोरा थाना क्षेत्र के ग्राम सैंधी निवासी धर्मेंद्र पुत्र राकेश ने यूपी-112 पर सूचना दी थी। उसने बताया कि तीन अज्ञात व्यक्तियों ने उससे दो लाख रुपये और एक मोबाइल छीन लिया है। मौके पर पहुंची पुलिस से धर्मेंद्र ने कहा कि वह अपनी बाइक से दातागंज थाना क्षेत्र के ग्राम धनौरा निवासी अपने मौसेरे साले रजनीश को रुपये देने जा रहा था, तभी अज्ञात लोगों ने उसे घेरकर गिरा दिया और एक खाली गेहूं के खेत में घसीटकर लूटपाट की।
दातागंज प्रभारी निरीक्षक द्वारा की गई गहन पूछताछ में धर्मेंद्र और रजनीश ने सच्चाई बताई। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें ग्राम धनौरा के ओमवीर पुत्र बांके से 10 बीघा जमीन पेशगी पर लेने के लिए 4 लाख रुपये देने थे, जिसका इंतजाम नहीं हो पाया था।
इसी कारण उन्होंने दातागंज थाना क्षेत्र के ग्राम धनौरा निवासी भूरे पुत्र रामविलास यादव को मौके पर बुलाया और उसे 1 लाख 25 हजार रुपये देकर भेज दिया। इसके बाद उन्होंने यूपी-112 पर लूट की झूठी सूचना दी। उनका मकसद ओमवीर की सहानुभूति प्राप्त करना और जमीन के सौदे के लिए रुपये जुटाने के लिए कुछ और समय प्राप्त करना था। घटना के क्रम में, थाना पुलिस ने रजनीश द्वारा भूरे को दिए गए 1 लाख 25 हजार रुपये भूरे के पास से बरामद कर लिए हैं। धर्मेंद्र और रजनीश द्वारा दी गई लूट की सूचना पूरी तरह झूठी पाई गई है।

