बदायूॅं जनमत। उघैती थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। गांव सराय सांवल निवासी 22 वर्षीय उपेंद्र की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई कर देती, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। परिवार का कहना है कि मारपीट की शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया, जिससे डरे और परेशान युवक ने विषाक्त पदार्थ खा लिया।
परिजनों के मुताबिक शुक्रवार को उपेंद्र अपने घर पर था। इसी दौरान घर के बंटवारे को लेकर उसके ताऊ रनवीर के परिवार से विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर विरोधी पक्ष के लोग घर में घुस आए और उपेंद्र के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। इस हमले में वह घायल भी हुआ। घटना के बाद उपेंद्र सीधे उघैती थाने पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही किसी तरह की कार्रवाई की। परिजनों का कहना है कि शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने से उपेंद्र काफी डरा हुआ था। उसे डर था कि विरोधी पक्ष दोबारा हमला कर सकता है। इसी वजह से वह घर वापस नहीं गया।
बताया जा रहा है कि रास्ते में ही उसने कोई विषाक्त पदार्थ खा लिया। कुछ देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। आनन-फानन में परिजन उसे उघैती कस्बे के एक निजी डॉक्टर के पास लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
युवक की मौत के बाद गांव में गुस्सा…
युवक की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव के लोगों में भी घटना को लेकर नाराजगी है। परिजनों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते आरोपियों पर कार्रवाई करती, तो उपेंद्र इतना बड़ा कदम नहीं उठाता। घटना के बाद इलाके में चर्चा है कि आखिर शिकायत मिलने के बाद भी पुलिस ने तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की।
पुलिस बोली- जहर खाने से हुई मौत, जांच होगी…
उघैती थाना प्रभारी ऋषिपाल सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया युवक की मौत जहर खाने से हुई है। उन्होंने कहा कि युवक ने जो तहरीर दी थी, उसकी जांच कराई जाएगी। एसएचओ ने यह भी बताया कि वह उस समय इस्लामनगर थाना क्षेत्र में हुई डकैती की जांच में व्यस्त थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह और आगे की कार्रवाई साफ हो सकेगी।

