बदायूं में 9 साल के बच्चे को कुत्ते ने काटा; एक माह बाद तड़प-तड़पकर गई जान, अधूरा इलाज पड़ा भारी

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। पागल कुत्ते के काटने के करीब एक माह बाद नौ वर्षीय मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने बिसौली सीएचसी पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि बच्चे को समय पर पूरी एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं लगाई गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उघैती कस्बे का नौ वर्षीय मोहम्मद ताजिम पुत्र नाजिम को तीन जून को घर के बाहर खेलते समय कुत्ते ने काट लिया था। चार जून को परिजन उसे बिसौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे, जहां एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई थी। इसके बाद छह और नौ जून को इंजेक्शन लगाए गए। परिजनों का आरोप है कि चौथी डोज के लिए नहीं बुलाया गया। कुछ दिन तक बच्चा सामान्य रहा था, लेकिन चार जुलाई की रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। पहले उसे अलीगढ़ ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए दिल्ली रेफर कर दिया। उपचार के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चे के हाथ में कुत्ते के गहरे दांत धंसे थे और खून भी निकला था।

गंभीर घाव में सीरम भी नहीं लगाया…

कुत्ते के काटने से गहरा घाव होने और खून निकले तो एंटी रैबीज वैक्सीन के साथ रैबीज इम्यूनोग्लोबुलिन (सीरम) लगाना जरूरी होता है। यह सुविधा जिला अस्पताल में उपलब्ध रहती है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें वहां रेफर तक नहीं किया गया और सीरम के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गई।

डोज लगने में लापरवाही…

पिता नाजिम ने बताया कि पहली एंटी रैबीज डोज जब चार जून को लगी तो दूसरी डोज आठ जून और तीसरी डोज 12 जून को लगनी थी। इसके अलावा चौथी बूस्टर डोज दो जुलाई को लगाई जानी थी। जबकि विभाग ने चार जून को एंटी रैबीज डोज लग दी। उसके लगाने के बाद दूसरी डोज छह जून और तीसरी डोज नौ जून को लगाई गई थी।
इस संबंध में सीएमओ डॉ विकास शर्मा ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं मिली है। इसकी जांच कराई जाएगी। उसके बाद में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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