बरेली जनमत। रामपुर गार्डन के विदुराज अस्पताल में तीन महीने के बच्चे के पेट से भ्रूण को सफल आपरेशन कर बाहर निकाला गया। अब बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है। बच्चे के पेट में भ्रूण होना दुर्लभ होता है और दुनिया में पांच लाख में एक बच्चे में ऐसा होता है। इसे फीट्स इन फेटू (भ्रूण के अंदर भ्रूण) कहते हैं।
शाहजहांपुर के कलान निवासी तीन महीने के बच्चे के पेट में मोटी गांठ देकर स्वजन ने पास के किसी डाक्टर को दिखाया तो उसने बरेली के हायर सेंटर में रेफर किया। यहां पर निजी मेडिकल कालेज में अल्ट्रासाउंड और सिटी स्कैन जांच की गई तो पता चला कि बच्चे के पेट में गांठ है, जिसे आपरेशन कर निकाला जाएगा।
अस्पताल में पीडियाट्रिक सर्जन न होने पर दिल्ली के किसी अस्पताल में ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद स्वजन रामपुर गार्डन स्थित विदुराज अस्पताल में बुधवार को लेकर पहुंचे। यहां पर डा. राजीव अग्रवाल ने जांच रिपोर्ट देखीं तो उन्होंने बच्चे के पेट में भ्रूण होना पाया और आपरेशन का निर्णय लिया। खून का इंतजाम कर गुरुवार रात में बच्चे के पेट का सफल आपरेशन कर भ्रूण को बाहर निकाला गया।
पांच लाख बच्चों में एक में ऐसा होता है…
डाॅ. राजीव अग्रवाल ने बताया कि महिला के गर्भावस्था के शुरुआती चरण छह से 12 सप्ताह के बीच में भ्रूण के विकास के दौरान कोशिकाएं असमान रूप से विभाजित हो जाती हैं। इससे एक अविकसित परजीवी जुड़वा बच्चा दूसरे के शरीर के अंदर रहने लगता है।
बच्चे के पेट में इसका विकास नहीं हो पाता है जो गांठ के रूप में सामने आता है। दुनिया में पांच लाख में एक केस ही ऐसा आता है। अब तक लगभग 300 केस ही दुनिया में सामने आए हैं। उनका दावा है कि बरेली में ऐसा दूसरा केस आया है। इससे पहले वर्ष 2010 में भी उन्होंने ही एक सफल ऑपरेशन किया था।

