बदायूं में छात्राओं ने पालिका कार्यालय घेरकर, ‘बेटी बचाओ, कूड़ा हटाओ’ क्यों लगाए नारे…

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। गुरुवार को शिक्षिकाओं के साथ छात्राएं बेटी बचाओ कूड़ा हटाओ के नारे लगाती हुईं नगर पालिका कार्यालय परिसर में भी पहुंच गईं। अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने प्रदर्शन भी किया। ईओ ने उन्हें जल्द ही कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। उन्हें ज्ञापन भी सौंपा गया है।
दरअसल, उझानी में कस्तूरबा आवासीय बालिका विद्यालय (नगर क्षेत्र) के छात्राओं ने एमआरएफ सेंटर के बाहर कूड़े का ढेर लगाए जाने पर विरोध जताया। वार्डन पूर्णिमा वर्मा और शिक्षिकाओं के साथ बृहस्पतिवार दोपहर में पालिका कार्यालय पहुंचीं छात्राओं ने बताया कि एमआरएफ सेंटर उनके विद्यालय से चंद कदम दूरी पर है। पालिका के वाहन रोजाना सेंटर के बाहर कूड़ा डालकर लौट जाते हैं, लेकिन उसका समय रहते निस्तारण नहीं हो रहा है। पिछले कई दिनों से दुर्गंध से उन्हें सांस लेने में भी दिक्कत आ रही है। छात्राओं ने पालिका कार्यालय परिसर में नारेबाजी भी की। छात्राएं विद्यालय से पैदल चलकर आईं। उनके हाथों में बेटी बचाओ-कूड़ा हटाओ के स्लोगन लिखी पट्टिकाएं भी थीं। करीब एक घंटे तक पालिका कार्यालय परिसर में छात्राओं के साथ मौजूद शिक्षिकाओं ने भी उनकी आवाज बुलंद की।
बताया कि इसकी शिकायत बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी की जा चुका है। पालिका के वाहन चालकों को भी रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह उनकी दिक्कतों पर गौर नहीं करते। इससे संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी हुई है। इसे लेकर शिक्षिकाओं के प्रतिनिधिमंडल ने ईओ मणि जी सैनी को ज्ञापन भी दिया। ईओ ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस संबंध में ईओ मणि जी सैनी ने बताया कि कस्तूरबा आवासीय विद्यालय के छात्राएं और शिक्षिकाएं बृहस्पतिवार दोपहर में पालिका कार्यालय आई थीं। उन्होंने परिसर के बाहर कूड़े को लेकर दिक्कतें बताई हैं। सेंटर में कूड़ा निस्तारण निर्धारित क्षमता के अनुरूप ही हो पा रहा है। जल्द ही पटपरागंज का एमआरएफ सेंटर भी शुरू होने वाला है।

दुर्गंध के कारण सांस लेना मुश्किल…

कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की वार्डन पूर्णिमा वर्मा ने बताया कि छात्राओं समेत शिक्षिकाएं पिछले कई महीनों से परेशान हैं। कूड़े में मृत जानवर भी डाल दिए जाते हैं। हवा के झोकों के साथ दुर्गंध विद्यालय तक पहुंचने से छात्राओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। बीएसए को भी अवगत कराया जा चुका है। पालिका प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो उन्हें छात्राओं के साथ आना पड़ा।

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