बदायूँ जनमत। मंदिर पर रहकर कई साल से सेवा करने वाले एक संन्यासी की लाश बक्से में बंद मिली। लोगों ने दरवाजा तोड़कर लाश को निकाला, सूचना पर पुलिस भी जा पहुंची। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव खुर्रामपुर भमोरी स्थित हनुमान मंदिर पर तकरीबन 15 साल पहले एक संन्यासी आकर बस गए थे। संन्यासी अपना नाम ओम राम बाबा हंसराज बताते थे। उनकी उम्र करीब 52 वर्ष की थी। गांव के लोग उन्हें खाने पीने की चीजों का बंदोबस्त कर देते थे। इससे संन्यासी का पेट भर जाता था। वही मंदिर में ही एक कमरे में वह सोते थे।
बुधवार को गांव के लोग मंदिर पहुंचे तो वहां बाबा मौजूद नहीं थे। आसपास तलाश की गई लेकिन बाबा का कोई पता नहीं चला। इसी बीच देखा तो कमरा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने के बाद दरवाजा नहीं खोला तो गांव वालों ने उसे तोड़ डाला, भीतर गए तो वहां एक बक्से में बाबा की लाश पड़ी हुई थी।
इंस्पेक्टर वजीरगंज धनंजय पांडे ने बताया कि बाबा की लाश बक्से में मिली है। उनकी मौत की वजह क्या रही यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट होगी। क्योंकि दरवाजा भीतर से बंद था। ऐसे में संभव है कि बाबा की तबीयत बिगड़ी हो और वह बक्से में गिर पड़े हो।


