बदायूॅं जनमत। जनहित सत्याग्रह मोर्चा के द्वारा भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 133 वीं जयंती की पूर्व संध्या पर श्री सियाराम अनोखी देवी मेमोरियल विद्यालय मुजाहिदपुर में “डॉ.अंबेडकर और आज का भारत” विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्टी से पहले उपस्थित विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथियों ने बाबासाहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। गोष्ठी में विषय वस्तु पर विचार रखते हुए जनहित सत्याग्रह मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने कहा कि संवैधानिक, जनवादी, लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोगों को अपने घरों से निकलकर बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों का भारत बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर किसी एक के मसीहा नहीं है उन्होंने देश में दलितों, वंचितों, शोषितों, उत्पीडितो के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक उत्थान के लिए संघर्ष किया।
क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के डॉ.सतीश ने कहा कि संविधान एवं संवैधानिक संस्थाओं को धीरे-धीरे समाप्त किया जा रहा है, या उनमें वर्तमान शासक अपने व पूंजीपति वर्ग के अनुसार बदलाव कर रहे हैं जो कि न्याय संगत नहीं है। राष्ट्रीय दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक महासंघ के हर्षवर्धन ने कहा कि उनकी जयंती के अवसर पर हमें यह प्रण लेना चाहिए कि हम उनके आदर्शों पर चलें और उनके संघर्षों से जो अधिकार हमें मिले हैं उनकी रक्षा के लिए हमें आगे आना चाहिए। मोर्चा की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष शर्मिला रानी ने कहा कि बाबासाहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर ने महिलाओं को सम्मान से जीने का अधिकार दिया। इसे फासीवादी सरकार खत्म करना चाहती है। मोर्चा के महामंत्री चरन सिंह यादव ने कहा कि जातीय, धार्मिक, भेदभाव तथा अंधविश्वास, पाखंडवाद के खिलाफ लोगों को जागरूक करना चाहिए तभी हम सही मायने में बाबासाहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर के सपनों को आगे बढ़ा पाएंगे।
कार्यक्रम में प्रेमपाल सिंह, चरन सिंह यादव, डॉ सतीश, हर्षवर्धन, परवेंद्र यादव, शर्मिला रानी, पूजा चौहान, पूजा, जसवीर सिंह यादव, महेश, सुमित यादव, महेश यादव आदि मौजूद रहे। 

