बदायूॅं जनमत। कछला घाट पर गंगा स्नान के दौरान डूबे दोनों किशोरों के शव मंगलवार सुबह बरामद कर लिए गए। दोनों के शव घटनास्थल से करीब छह किलोमीटर दूर मिले। शव देखते ही परिवार के लोग गश खाकर गिर गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
राजस्थान के भरतपुर जिले के चिटसाना थाना क्षेत्र के गांव पीरनगर निवासी परिवार के 35 लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से सोमवार की सुबह कछला घाट आए थे। यह लोग परिवार के बुजुर्ग अमरीश की अस्थियों का विसर्जन करने के बाद गंगा स्नान करने लगे। इसी दौरान सुमित (17) पुत्र विजय सिंह, सुमीर (16) पुत्र रामवीर के साथ ही गौरव (21), दीवान (17), मोनू (18) और राजरानी (17) गहरे पानी में चले गए। उनको डूबता देखकर परिवार के लोग शोर मचाने लगे। शोर सुनकर नाविक और गोताखोरों ने मोनू, राजरानी, गौरव और दीवान को बाहर निकाल लिया। चारों का प्राथमिक उपचार कराया गया तो उनको होश आया। वहीं सुमित और सुमीर को गोताखोर नहीं तलाश पाए थे। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार मलिक ने इसकी जानकारी एसडीएम को दी।
देर रात तक चलता रहा तलाशी अभियान…
एसडीएम ने मुरादाबाद से एसडीआरएफ की टीम बुलाई। यह टीम देर रात तक दोनों की तलाश में जुटी रही। मंगलवार सुबह दोनों किशोरों की तलाश दोबारा शुरू की गई। इस दौरान कछला घाट से करीब छह किमी दूर गोताखोरों ने दोनों के शव बरामद कर लिए। शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
परिजन अमित ने बताया कि सुमित और सुमीर चचेरे-तहेरे भाई थे। सुमित 11वीं और सुमीर 12वीं का छात्र था। परिजनों ने बताया कि विजय सिंह की चार संतानों में सुमित सबसे छोटा था। अमित और भोला उससे बड़े हैं। बहन पिंकी है। वहीं सुमीर दो भाइयों में सबसे बड़ा था। छोटा भाई करन भी साथ था, लेकिन गंगा स्नान के दौरान वह घाट पर ही रहा। 


