बरेली जनमत। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज सोमवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। राष्ट्रपति बरेली में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) के 11वें दीक्षा समारोह और गोरखपुर एम्स के पहले दीक्षा समारोह में शिरकत की। अपने तय कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहले बरेली पहुंचीं।
IVRI के दीक्षा समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ कई केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे। समारोह में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के छात्र-छात्राओं को उपाधि और मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान न केवल पशुओं के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहा है, बल्कि कोविड-19 जैसी महामारी में भी विशेष योगदान दिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपाधि और मेडल पाने वाले छात्र-छात्राओं में सबसे अधिक छात्राओं की संख्या होने पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि पशु और मानुष का पारिवारिक रिश्ता है पर अब घरेलू पशु गांव में दिखना कम हो गए हैं। बता दें कि भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में आयोजित किए गए दीक्षा समारोह में 640 छात्र-छात्राओं को उपाधि और डिग्री देकर सम्मानित किया गया। दीक्षा समारोह में 24 छात्राओं को स्वर्ण रजत और कांस्य पदक भी प्रदान किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कार्यक्रम में आए अन्य अतिथियों ने मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधि और मेडल देकर सम्मानित किया। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने कहा कि पशु और मानव का एक परिवार का रिश्ता है। अभी तो हम टेक्नोलॉजी आधारित जीवनशैली जीते हैं। जब टेक्नोलॉजी का कोई साधन नहीं था, तब पशु ही हम लोगों का साधन थे। पशुओं के बिना हम जिंदगी सोच नहीं सकते।
समारोह में पदक प्राप्त करने वाली छात्रों की संख्या अधिक होने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने खुशी जाहिर की। कहा कि छात्राओं की बड़ी संख्या देखकर मुझे गर्व हो रहा है कि बेटियां उन्नत क्षेत्र की तरह पशु चिकित्सा क्षेत्र में भी आगे आ रहे हैं, यह बहुत ही शुभ संकेत हैं। 
चांदी की चाबी राष्ट्रपति को सौंप गोरखपुर के महापौर बोले, अब ये शहर आपका…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के गोरखपुर पहुंचने पर महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने चांदी की चाबी एयरपोर्ट पर उन्हें सौंपने के साथ पूरा शहर उनके हवाले कर दिया। महापौर ने राष्ट्रपति से निवेदन किया कि महोदया यह पूरा शहर अब आपका है। आप जहां चाहें वहां जा सकती हैं। मैं शहर के प्रथम नागरिक के रूप में, राष्ट्र के प्रथम नागरिक को इसकी चाबी सौंप रहा हूं।


