बदायूॅं जनमत। धर्मांतरण कराने के चार आरोपियों को आज मंगलवार को जेल भेज दिया गया है। सोमवार को इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मंगलवार को इसमें एक और नाम बढ़ाया गया। इनका साथ देने वाले अन्य लोगों को पुलिस तलाश रही है।
इस्लामनगर थाना क्षेत्र के कुंदावली गांव के एक घर में कासगंज और बिसौली के कुछ लोग रविवार को ग्रामीणों को ईसाई धर्म की प्रार्थना करवा रहे थे। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस ने मौके से कुंदावली की अंजू पत्नी हरपाल सिंह, कासगंज के मोहल्ला नाथूराम कोर्ट निवासी हृदेश कुमार उर्फ विक्की पास्टर, उसकी पत्नी नीतू और बिसौली के बॉबी पास्टर को पकड़ा था। पुलिस ने सोमवार को बॉबी पास्टर को छोड़ दिया था। शाम को एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देश पर एसआई सत्यपाल ने तहरीर दी और तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इन लोगों से पूछताछ में सामने आया कि अलापुर का पास्टर सुरेंद्र मास्टर माइंड है। इसलिए मंगलवार को पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया और चारों को जेल भेजा दिया है।
कई गांवों में करा चुके हैं धर्म परिवर्तित…
अलापुर में करीब दो सौ से अधिक लोग ईसाई धर्म अपना चुके हैं। कादरचौक क्षेत्र के एक गांव में भी इसी तरह से प्रार्थना सभा करते लोगों को पुलिस ने कुछ महीने पहले पकड़ा था। बाद में उनको बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया था। अलापुर में सुरेंद्र ने चर्च बना रखा है। यहां जिले भर के लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन का कराया जा रहा था।
कुंदावली के 30 लोग हो चुके हैं ईसाई…
कुंदावली की महिला अंजू ने बताया कि सुरेंद्र पास्टर ने कासगंज निवासी हृदेश के साथ घर पर आकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा था। हृदेश उनके रिश्तेदार हैं। उसने अपने रिश्तेदारों को रुपये का लालच देकर गांव के लोगों को ईसाई धर्म अपनाने की बात कही। यह लोग कई महीनों से गांव में आकर प्रार्थना कराते रहे। अब तक करीब 30 लोग ईसाई धर्म अपना चुके हैं।
एसपी देहात हृदेश कठेरिया ने कहा कि धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। अलापुर के सुरेंद्र का नाम सामने आने के बाद उसका भी नाम मुकदमे में शामिल करते हुए गिरफ्तार किया गया है। चार लोगों को जेल भेज दिया गया है। इस मामले की विवेचना की जा रही है।

