बदायूॅं जनमत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘हर घर बिजली योजना’ लागू कर देश के कोने-कोने से अंधेरा मिटाने का संकल्प लिया था। साथ ही गांव-गांव बिजली पहुंचाने का संकल्प लिया था। लेकिन बदायूं जिले का एक गांव ऐसे भी हैं जहां 2025 में भी बिजली नहीं पहुंच पाई। विभाग ने कागजों में ही इसका विद्युतीकरण कर दिया, और इसकी लाइन कृषि लाइन से जोड़ दी गई। इससे गांव के लोग बेहद परेशान हैं। जिसके चलते उन्होंने विद्युत विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर बिजली पहुंचाने की मांग की है।
दातागंज तहसील क्षेत्र के ग्राम आजमपुर विसौरिया के मझरा धनी नगला में ग्रामीण फीडर से विद्युत आपूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामवासी अब भी कृषि फीडर से सीमित एवं अस्थिर बिजली आपूर्ति पर निर्भर हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लगभग सात वर्ष पूर्व क्षेत्र के सभी ग्रामों में विद्युतीकरण कार्य किया गया था, परंतु उस समय के ग्राम प्रधान और बिजली विभाग के कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से धनी नगला में कागज़ों पर ही विद्युतीकरण दिखा दिया गया, जबकि वास्तविकता में यहां आज तक नियमित ग्रामीण फीडर से बिजली नहीं दी गई है।
ग्रामवासियों ने बताया कि इस अनियमितता को लेकर अधिकारियों को कई बार शिकायत पत्र और प्रार्थनापत्र दिए जा चुके हैं, किंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय अधिकारी मूक दर्शक बने हुए हैं, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।


