बदायूं में चाचा का हो रहा था अंतिम संस्कार, तभी पहुंची भतीजे की मौत की खबर, पत्नी हुई बदहवास

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। एक परिवार में चाचा की मौत के बाद उसका कछला गंगा घाट पर अंतिम संस्कार किया जा रहा था। इतनी देर में भतीजे की मौत की खबर पहुंची तो भगदड़ मच गई। हादसा रोडवेज बस की टक्कर लगने से हुआ। भतीजा अपनी पत्नी समेत दो साल की मासूम बेटी को दवा दिलाकर बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही रोडवेज बस ने रौंद दिया। हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वह हेलमेट भी नहीं लगाए था। राहगीरों ने घायल महिला व मासूम बेटी का प्राथमिक उपचार कराया। उधर, बस चालक को कछला चौकी के पास पुलिसकर्मियों ने पकड़ लिया।
मंगलवार अपराह्न करीब दो बजे बाइपास पर संतोष कुमारी श्रवण कुमार विद्या मंदिर कॉलेज के पास हुआ। सहसवान कोतवाली क्षेत्र के गांव होतीपुर निवासी उमेश यादव (30 वर्ष) अपनी दो वर्षीय बेटी प्रियांशी को दवा दिलाने के लिए उझानी आए थे। साथ में पत्नी रजनी (28 वर्ष) भी थीं। लौटते समय रोडवेज बस की टक्कर लगते ही उमेश बस के पहिये के नीचे आ गए। पत्नी और बेटी छिटककर सड़क पर जा गिरीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हेलमेट नहीं लगाए होने की वजह से उमेश का सिर कुचल गया। काफी खून बह जाने से उमेश की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर जुटे राहगीरों और इलाके के लोगों को आता देख चालक रोडवेज बस कछला की ओर दौड़ ले गया। कछला में चौकी के सामने पुलिसकर्मियों ने बस चालक को पकड़ लिया। बस अलीगढ़ डिपो की है। एंबुलेंस के जरिये घायल महिला समेत तीनों को अस्पताल लाया गया।
चिकित्साधिकारी डॉ. आकांक्षा निधि ने उमेश को मृत घोषित कर दिया। घायल रजनी और उसकी बेटी का प्राथमिक उपचार किया गया। सूचना के बाद मृतक के परिजन भी रोते-बिलखते पहुंचे गए। घायल रजनी ने बताया कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हें अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाने में देर कर दी। पुलिस एंबुलेंस का इंतजार करती रही। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराने के लिए भेज दिया है।

सोमवार शाम हुई थी चाचा की मृत्यु…

रोडवेज बस की टक्कर से मृत बाइक सवार उमेश यादव के कुनबे के रिश्ते में चाचा की सोमवार शाम मृत्यु हो गई थी। पिता और भाइयों समेत परिवार के लोग उनका अंतिम संस्कार करने के लिए कछला चले गए। उमेश की मासूम बेटी प्रियांशी को तेज बुखार था, इसलिए वह पत्नी के साथ उसे दवा दिलाने के लिए उझानी चले पड़े। छोटे भाई राजेश ने बताया कि चाचा का अंतिम संस्कार पूरा होने से पहले ही हादसे के बारे में जानकारी मिली तो परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। उमेश तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी तीन संतान में एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

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