बदायूॅं जनमत। उत्तर प्रदेश में ईसीजी एजूकेटर भर्ती प्रकिया शुरू की गई थी जिसमें होमसाइंस और एनटीटी डिप्लोमा लोगों के आवेदन लिए गए थे, जिसमें जिले के लगभग 2500 आवेदन किये गये थे।
अभ्यार्थियों द्वारा बताया गया कि भ्रष्ट कंपनी रेपिड वर्क फोर्स सॉल्यूशन के द्वारा कुछ अभ्यर्थियों को लखनऊ बुलाकर इंटरव्यू लिया गया था। जिसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा बदायूं में एक 500 अभ्यार्थियों की सूची चस्पा करा दी गई। जिसमें जिन अभ्यर्थियों के नाम थे उनको इंटरव्यू के लिए काल या मेल नहीं किया गया। जो अभ्यर्थी लखनऊ गये थे उनके सूची में नाम नहीं हैं। ऐसे में अभ्यार्थियों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि इसमें सांठगांठ करके धन उगाही की गई है। जिसने पैसे दिये है उनको बेसिक शिक्षा विभाग 6 जनवरी को ज्वानिंग लेटर देने के लिए कहा गया था। इन सबकी शिकायत लेकर आज सभी अभ्यर्थियों ने जिला अधिकारी को पत्र सौंपा है। साथ ही जांच कराने की मांग की है। अभ्यार्थियों का कहना है कि यह भर्ती केवल जिले के अभ्यर्थियों के लिए थी लेकिन अन्य जनपदों के लोगों के भी आवेदन लिए गए हैं। उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया अंदर खाने चल रही है। भर्ती प्रकिया रद्द की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने शासन को भी पत्र भेजने की बात कही है।
इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष और बगैर भेदभाव से हुई है। जो लोग नियुक्त नहीं हो सके वे गलत आरोप लगा रहे हैं।

