बदायूॅं जनमत। पूर्व मंत्री आबिद रज़ा ने प्रेस के माध्यम से बयान दिया कि जौहर विश्वविद्यालय पर रामपुर प्रशासन द्वारा बुलडोज़र चलाने का आदेश देना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करना है तथा प्रशासन का यह कदम शिक्षा के खिलाफ है। देश की आज़ादी के बाद जिस पार्टी की भी सरकार बनी उसने शिक्षा पर जोर दिया तथा शिक्षा संस्थान बनाने के लिए हमेशा प्रोत्साहन दिया।
अगर सरकार जौहर विश्वविद्यालय को जनाब आजम खान साहब की मुखालफत को जोड़कर देख रही है तो यह सरासर गलत है। जौहर विश्वविद्यालय आज़म साहब ने पूरे देश प्रदेश के हिन्दू, मुसलमान, सिख, इसाई से चन्दा लेकर बनाई है। जिसमें हर वर्ग के अमीर, मध्यम व गरीब लोगों ने चन्दा दिया। जौहर विश्वविद्यालय को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं देखना चाहिए। जौहर विश्वविद्यालय में हिन्दू और मुसलमान समेत हज़ारों छात्र पढ़ते हैं प्रशासन के कदम से सभी छात्रों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा।
सरकार देश को आगे बढ़ाने की बात करती है। शिक्षा के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता। नौजवान छात्र देश की ताकत होती है अगर नौजवान छात्र कमज़ोर हो गया तो देश कमज़ोर हो जाएगा। अगर जौहर विद्यालय पर बुलडोज़र चलेगा तो शिक्षा के मंदिर पर बुलडोज़र चलेगा छात्रों के भविष्य पर बुलडोज़र चलेगा। यह सरकार का कदम प्रदेश व देश हित में नहीं होगा। अतः मेरा प्रदेश सरकार से छात्रहित, नौजवानों के हित में अनुरोध है कि प्रदेश सरकार रामपुर प्रशासन को आदेशित करें कि जौहर विश्वविद्यालय को बुलडोज़र तोड़ने का आदेश तत्काल वापस ले। ताकि छात्रों को इंसाफ मिल सके।


