बदायूँ जनमत। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित PET परीक्षा देने आए दूर-दराज के परीक्षार्थियों के लिए शनिवार की रात बेहद मुश्किलों भरी रही। स्टेशन और आस-पास के इलाकों में सैकड़ों छात्र ठहरने की सही व्यवस्था न होने के कारण रात 11 बजे भटकने को मजबूर थे। ऐसे समय मोहम्मद शादाब और युवा सद्भावना मंच के अध्यक्ष सुबोध यादव ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की।
मामले की जानकारी देते हुए मोहम्मद शादाब ने बताया कि “रात करीब 11 बजे जब मैं अचानक अपनी दुकान पर गया, तो देखा कि परीक्षा देने आए कई अभ्यर्थी रुकने की जगह न मिलने के कारण बेहद परेशान थे और स्टेशन के आस-पास भटक रहे थे। मैंने तुरंत कुछ छात्रों से बात की और 4-5 परीक्षार्थियों को अपने घर रुकने का प्रस्ताव दिया।”
चूँकि परेशान परीक्षार्थियों की संख्या बहुत अधिक थी, इसलिए मोहम्मद शादाब और सुबोध यादव ने तुरंत शहर के प्रसिद्ध डॉ. इत्तेहाद आलम से संपर्क किया। छात्रों की इस परेशानी को देखते हुए डॉ. इत्तेहाद आलम ने बड़ा दिल दिखाया और अपने अल-फ़ारिया हॉस्पिटल के दरवाज़े परीक्षार्थियों के लिए खोल दिए। डॉ. आलम की अनुमति मिलते ही मोहम्मद शादाब और युवा सद्भावना मंच के अध्यक्ष सुबोध यादव ने अपनी टीम के साथ मिलकर भटक रहे परीक्षार्थियों को सम्मानपूर्वक अल-फ़ारिया हॉस्पिटल पहुँचाया, जहाँ उनके रुकने और आराम करने का उचित प्रबंध किया गया।
इस सराहनीय कार्य के बाद मोहम्मद शादाब और सुबोध यादव ने संयुक्त रूप से कहा कि छात्रों को परीक्षा के समय इस तरह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए वे पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने संकल्प लिया कि आगामी परीक्षाओं में संगठन और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से इससे भी बेहतर व पुख्ता इंतज़ाम किए जाएंगे ताकि किसी भी परीक्षार्थी को कोई असुविधा न हो।



