बदायूॅं जनमत। मां-बेटी के हत्याकांड का खुलासा हो गया है। हत्यारा युवती का मौसेरा भाई निकला। उसने मौसेरी बहन से दो लाख रुपए उधार मांगे थे। मना करने पर वह गुस्से में था। उसने अपनी मौसी के घर में चोरी की योजना बनाई, लेकिन सफल नहीं हो सका। मां-बेटी ने आरोपी को चोरी करते देख लिया, इसलिए उन्हें मार डाला था। आरोपी ने मौसी पर 22 बार और बहन पर 23 बार चाकू से हमला किया था। दोनों के शरीर चाकू के हमले से छलनी हो गए थे।
पुलिस ने मुख्य आरोपी के दो सगे भाइयों को भी पकड़ा है। इन लोगों को कत्ल वाली रात में ही सच्चाई का पता लग गया था, लेकिन वो अपने भाई को बचाने में लगे रहे। एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने पुलिस लाइन में तीनों आरोपियों को मीडिया के सामने पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया।
मामला दातागंज कोतवाली क्षेत्र के वीरमपुर गांव का है। 14 अगस्त को गांव की रहने वाली शांति देवी (75) और उनकी बेटी जयंती (32) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों का शव घर में खून से लथपथ मिले थे। परिजनों ने वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव रोहटा निवासी संजीव, पिंकू, सुरेंद्र सिंह, प्रदीप सिंह, कव्वाली और भांजे चितरी थाना हजरतपुर निवासी विपिन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। परिजनों को शक था कि जयंती का रोहटा गांव में जमीन बेचने को लेकर संजीव से विवाद हो गया था। इसी कारण हत्या कराई गई। वहीं, विपिन खुद को चश्मदीद बता रहा था। परिजनों ने उसे भी नामजद किया था। परिजनों को शक था कि विपिन हत्या करने वालों से मिला हुआ है। इसके बाद पुलिस ने विपिन को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
कातिलों की संख्या घटा-बढ़ा रहा था विपिन…
एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया, पूछताछ में विपिन बार-बार अपना बयान बदल रहा था। कभी कहता कि उसने एक कातिल को घर से निकलते देखा तो कभी उनकी संख्या घटाता या बढ़ाता था। वहीं उसके भाइयों अवनीश व विमल से पूछताछ की गई तो उन्होंने यह कबूला कि हत्या विपिन ने ही की है। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने खुद यह बात घर आकर कही थी।
दो लाख हत्या की वजह…
विपिन ने पिछले दिनों मौसेरी बहन जयंती से दो लाख रुपए उधार मांगे थे। ताकि मझले भाई की शादी कर सके। जयंती ने रुपए देने से इनकार कर दिया था। ऐसे में उसने घर में घुसकर चोरी की योजना बनाई। वहां, आहट पाकर जयंती जाग गई तो आरोपी ने छुरे से उस पर प्रहार किए। जयंती को 23 बार चाकू मारा तो उसकी मां को 22 बार।
विधायक संग आरोपी की तस्वीरें वायरल…
एक आरोपी संजीव की तस्वीरें सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता के साथ वायरल हो रही हैं। ऐसे में लोग इस मामले को राजनैतिक संरक्षण के नजरिए से भी देख रहे हैं। वहीं, एसएसपी का कहना है कि संजीव ने मृतका की जमीन खरीदी थी। अभी तक विपिन ही कातिल निकला है। संजीव समेत अन्य नामजदों को लेकर जांच जारी है, उनकी संलिप्तता निकली तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।





