बदायूं में नसीरी परिवार की ओर से मुशायरे का आयोजन, शायरों को किया सम्मानित

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत। शहर के फरशोरी टोला स्थित नसीरी परिवार के अरशद नसीरी बीलम के आवास पर मुशायरे का आयोजन किया गया। जिसमें शायरों ने बेहतरीन कलाम से सामाजिक विसंगतियों पर करारी चोट की, साथ ही समाधान के भाव भी व्यक्त किए। सबसे पहले अध्यक्षता कर रहे अहमद अमजदी बदायूंनी ने नात पढ़कर मुशायरे का आगाज किया। उन्होंने बेहतरीन अंदाज में ग़ज़ल पड़ी तो श्रोता झूम उठे- सिर्फ नफरत की निगाहों से न देखे दुनिया,
मुझको मीज़ान ए मुहब्बत से भी तोला जाए।
एहसान रज़ा बदायूंनी ने नई नस्लों को सीख दी- मिलके अब कारोबार मत करना,
चाहे हिस्से में पाई पाई पड़े।
शम्स मुजाहिदी बदायूंनी ने पढ़ा- कल तक तो मेरे गांव में अमनो अमान था,
किसने लड़ा दिया मियां पंडित पठान को।
संचालन कर रहे युवा शायर अरशद रसूल ने बयान किया- अपनों ने आज फर्ज निभाया है इस तरह,
घायल हुए हैं हम भी भरोसे के तीर से।
मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद समर बदायूंनी ने कहा- मुफ़लिसी जब आ गई ईमान तक,
हम ने अपने सर का सौदा कर दिया।
हसनैन कुर्बान ने पढ़ा- मैं ज़मी था मुझको भूल गया है वो,
उसकी दोस्ती हो गई है आसमान से।
इससे पहले मेहमान शायरों को गर्मजोशी से स्वागत कर सम्मानित किया गया। आयोजक अरशद नसीरी, शारिक नसीरी ने आभार व्यक्त किया। मुशायरा महफ़िल में एडवोकेट सफीर उद्दीन, फिरोज खान पम्मी सभासद, अमान, जुनैद कमाल, सलमान, शोएब फरशोरी, जहीर बेग, युनुस, अनवर खुर्शीद, अनफ, शकील, सोहराब, हसीब, नदीम, परवेज, अजहर, जैद सिद्दीकी, जैन सिद्दीकी, आकिल, नदीम आदि मौजूद रहे।

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