बरेली बवाल; मौलाना तौकीर के प्रवक्ता डॉ. नफीस की मार्केट सील, पुलिस के हाथ काटने की दी थी धमकी

उत्तर प्रदेश

बरेली जनमत। बवाल कराने के आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा के करीबी और बवाल के आरोपी आईएमसी के पूर्व प्रवक्ता डॉ. नफीस की नावल्टी स्थित मार्केट को नगर निगम ने सोमवार को सील कर दिया। इसी मार्केट में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) का दफ्तर भी संचालित किया जा रहा था। अब इसके साथ ही मार्केट की 74 दुकानों पर भी ताला पड़ गया है। आरोप है कि नाले पर कब्जा कर यह मार्केट बनाई गई है।
मार्केट के दूसरे तल पर स्थित आईएमसी कार्यालय में बैठकर डॉ. नफीस जिले में होने वाले संगठन के सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करता था। इस कार्यालय में मौलाना तौकीर का दो-तीन बार ही आना-जाना हुआ है। यहां बैठकर डॉ. नफीस ही संगठन की पूरी रणनीति को अंजाम देता था। नफीस का करीबी पार्षद अनीस सकलैनी मार्केट में पंचायत लगाकर बैठता था। नफीस ने बवाल से पहले पुलिस के हाथ काटने और वर्दी उतरवाने की धमकी दी थी।

सीलिंग की रणनीति पहले ही हो चुकी थी तय…

जानकारी के मुताबिक सीलिंग की रणनीति पहले ही तय हो गई थी। शनिवार शाम को ही नगर निगम की टीम ने मार्केट की पैमाइश कर ली थी। रविवार को अवकाश की वजह से कार्रवाई नहीं हो सकी। सोमवार को टीम मौके पर पहुंची और दुकानदारों को सामान निकालने के लिए कहा। जैसे-जैसे दुकानें खाली होती गईं, एक-एक कर उनको सील किया गया, फिर पूरी मार्केट पर बाहर से भी सील लगा दी। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।

हाथ पैर काटने की धमकी दी थी धमकी…

डॉ. नफीस ने आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर उतारने पर किला इंस्पेक्टर को हाथ पैर काटने और वर्दी उतारने की धमकी दी थी। उसका वीडियो भी वायरल हुआ था। वीडियो में वह कहा रहा है कि मैंने किला इंस्पेक्टर से साफ कह दिया कि बैनर पर हाथ लगाया तो हाथ काट लूंगा। वर्दियां नहीं बचेगी। इस वीडियो के वायरल होने पर किला थाने में नफीस के खिलाफ रिपोर्ट लिखी है।

डॉ नफीस और उसका बेटा बताता है दरगाह का सज्जादानशीन…

नगर निगम की टीम पहुंचने के बाद जब दुकानदारों ने सामान बाहर निकाला तो उन्होंने बताया कि आरोपी डॉ. नफीस और उसका बेटा फरहान पहलवान साहब की दरगाह का खुद को सज्जादानशीन बताते हैं। मार्केट में बनी दुकानों से हर माह मोटी रकम वसूली जाती है। वहीं दुकानदारों ने वहां मौजूद अधिकारियों से भी कहा कि उनको वहां वैकल्पिक स्थान भी दिया जाए, जिससे उनकी रोजी रोटी चल सके। वहीं वहां मौजूद अफसरों ने जिला प्रशासन से इस मामले में बात करने का आश्वासन दिया।

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