बदायूॅं जनमत। बरेली में बवाल कराने के आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा की मुश्किलें और बढ़ सकतीं हैं। मूल रूप से जिला बदायूं के गांव करतौली निवासी तौकीर रज़ा ने वर्ष 1997 में साधन सहकारी समिति करतौली से पांच हजार रुपये का खाद ली थी। मौलाना ने न तो मूल रकम जमा की और न ब्याज अदा किया। अब बैंक ने ब्याज वसूलने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
26 दिसंबर को बरेली में बवाल किया गया था। मामले में दस मुकदमे दर्ज किए गए। जांच के दौरान सामने आया है कि बिनावर थाना क्षेत्र के करतौली गांव के मूल निवासी रहे मौलाना तौकीर रजा ने साल 1997 में बैंक से 5055.60 रुपये की खाद ली थी। इस रकम को ब्याज के साथ वापस नहीं किया गया। अब इस पर ब्याज सहित कुल 2,83,46 रुपये का बकाया हो गया है। तौकीर रज़ा का मामला देश भर में चर्चा का विषय बना तो बैंक को भी अपनी रकम वसूली की याद आ गई।
बदायूं का निवासी है तौकीर का परिवार…
बैंक प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्र बताते हैं कि तौकीर की संपत्ति कुर्क होने की कार्रवाई भी हो सकती है। डीसीडीएफ के अध्यक्ष रवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि तौकीर रजा मूल रूप से करतौली गांव निवासी है। यह लोन उसने पहले साधन सहकारी समिति करतौली से फसल उगाने के लिए लिया था। लोन लेने के बाद उसने न तो मूलधन चुकाया और न ही ब्याज जमा किया।
राजनीति में चमका तौकीर तो नहीं हो सकी वसूली…
बैंक की ओर से तौकीर को कई नोटिस भेजे गए थे। हालांकि, इस दौरान बरेली में तौकीर राजनीति में बड़ा चेहरा बन गए। इस कारण उन पर कार्रवाई नहीं हो सकी। बरेली बवाल के बाद तौकीर की गिरफ्तारी होने के बाद उनसे जुड़े रिकॉर्ड खंगाले गए। इसी दौरान बैंक लोन के बकाये का यह मामला सामने आया। जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन जितेंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि तौकीर रजा पर बकाया राशि निकली है। बैंक अपने स्तर से कार्रवाई करेगा।

