बदायूॅं जनमत। एक गल्ला व्यापारी का शव बुधवार की सुबह कमरे में फंदे से लटका मिला। परिवार ने देखा तो कोहराम मच गया। परिजनों ने पड़ोसी गांव के रहने वाले भूरे पर रुपये मांगने पर मारपीट का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। पुलिस को शव नहीं उतारने दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा दिया।
कादरचौक कस्बा में थाने के पीछे रहने वाले रिंकू उर्फ प्रदीप (45 वर्ष) पुत्र सुरेश चंद्र लकड़ी की टाल चलाते थे। उनका गल्ला का भी व्यापार था। उनका पास के गांव मौसमपुर के रहने वाले भूरे उर्फ किताब सिंह पर चार लाख रुपये बकाया था। मृतक के भतीजे अमन कुमार ने बताया कि दोनों एक साथ व्यापार करते थे। धीरे-धीरे भूरे ने 4.23 लाख रुपये उधार ले लिए। भूरे ने चार बार में 20 हजार रुपये दे दिए। चार लाख तीन हजार रुपये भूरे पर बकाया थे। कई बार रुपये को लेकर थाने में भी शिकायत की गई। दो बार पुलिस ने उसका शांतिभंग में चालान भी किया लेकिन रुपये नहीं दिए।
मंगलवार को रिंकू रुपये मांगने उसके घर गए। आरोप है कि भूरे से रिंकू के साथ मारपीट की और गांव वालों के सामने बेइज्जत भी किया। घर पहुंचकर उन्होंने पूरी बात बताई। खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में चले गए। बुधवार को सुबह परिवार के लोगों ने देखा तो उनका शव कमरे में फंदे के सहारे लटका है। यह देख परिवार में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार…
चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव फंदे उतारने की कोशिश लेकिन परिवार के लोग भूरे की गिरफ्तारी को लेकर हंगामा करने लगे। परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपी भूरे को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर लेती तब तक शव नहीं उतरने देंगे। पुलिस ने दबिश देकर भूरे को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद परिवार के लोग शांत हो गए। पुलिस ने शव उतारने के बाद कार्रवाई शुरू की। वहीं परिजनों का कहना है कि भूरे ने रिंकू के साथ मारपीट और गाली गलौज की। यह बेइज्जती वह सहन नहीं कर सके। इसी वजह से उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
सीओ उझानी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

