बदायूॅं जनमत। पांच दिन से ग्रामीणों में दहशत की कारण बने जंगली सूअर को मंगलवार दोपहर पकड़ लिया गया। ग्रामीणों ने सुबह से ही उसकी घेराबंदी कर ली, लेकिन सूअर ने कई बार छकाया। वन विभाग ने रेस्क्यू के दौरान सूअर पकड़े जाने का दावा किया है, लेकिन ग्रामीण टीम के आने से पहले ही सूअर को पकड़ने की बात कह रहे हैं।
उझानी ब्लॉक क्षेत्र के गांव सिरसौली में मेहरबान प्रजापति के खेत में सुबह जंगली सूअर देखे जाने का शोर मचा तो ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े। 25 से अधिक ग्रामीणों ने मेहरबान के खेत के आसपास घेरा बनाकर उसे पकड़ने की कोशिश शुरू कर दी। इसकी सूचना वन विभाग के अफसरों को मिली तो वन दरोगा के साथ कर्मचारियों की रेस्क्यू टीम को मौके की ओर रवाना कर दिया। दोपहर बाद जंगली सूअर पकड़ लिया गया। जाल में फंसे सूअर ने जाल से बाहर निकलने की कोशिश भी की।
ग्रामीण पुष्पेंद्र ने बताया कि वन विभाग की टीम के आने से पहले ही जंगली सूअर को पकड़ लिया गया था। बाद में वन कर्मी एक निजी वाहन से जंगली सूअर को लेकर कादरचौक क्षेत्र में ककोड़ा के वन आरक्षित क्षेत्र में पहुंचे। जंगली सूअर ककोड़ा क्षेत्र में छोड़ा गया है। बता दें कि इसी जंगली सूअर ने पांच दिन पहले वन दरोगा शुभम प्रताप सिंह पर हमला कर दिया था। हमले में वन दरोगा लहूलुहान हो गए थे। उनका अभी भी बरेली में इलाज चल रहा है। सूअर पकड़े जाने की बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस महसूस की है।
डीएफओ निधि चौहान ने बताया कि सिरसौली के पास जंगली सूअर पकड़ लिया गया है। वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया था। सूअर ककोड़ा के जंगल में छोड़ा गया है।

