बहराइच जनमत। गोस्वामी तुलसीदास के ननिहाल दहौरा में माघी पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर आयोजित कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह में सनातन धर्म परिषद के संस्थापक डॉ स्वामी भगवदाचार्य ने डॉ अशोक गुलशन को श्री हुलसी सम्मान से सम्मानित किया।
बलरामपुर के पिपरा एकडंगा गांव में 25 जून 1963 में जन्मे और प्राथमिक विद्यालय अल्लीपुर बुजुर्ग तथा कटरा में प्राथमिक शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात डॉ गुलशन गोण्डा और इलाहाबाद विश्वविद्यालय तथा लखनऊ विश्वविद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी के रूप में नियुक्त होकर 2 वर्ष पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त होकर चिकित्सा, साहित्य तथा समाज सेवा में निरन्तर संलग्नरत हैं।
चिकित्सा एवं समाजसेवा के लिए 1852 सम्मान…
साहित्य सेवा के लिए उन्हें अब तक विभिन्न देशों की संस्थाओं से 833 तथा चिकित्सा एवं समाजसेवा के लिए 1852 सम्मान, पुरस्कार, उपाधियां प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए जा चुके हैं। 26 प्रकाशित पुस्तकों के रचयिता डॉ गुलशन द्वारा 10 प्रकार के 57 वर्ल्ड रिकार्ड बनाए जा चुके हैं जिसे लिम्का बुक, वर्ल्ड बुक आदि में सम्मिलित किया गया है।
11 संकलनों के संपादक डॉ गुलशन की रचनाधर्मिता एवं उनके साहित्य में योगदान पर लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा एमफिल हुई है तथा बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पीएचडी के शोध ग्रन्थ में उनकी छोटी बहर की ग़ज़ल सम्मिलित की गई है। एनसीसी, स्काउट, रोवर रेंजर फोर्स तथा एनएसएस में सक्रिय रूप से प्रतिभागी रहे डॉ गुलशन इंडोनेशिया, थाईलैंड, भूटान तथा काठमांडू के साहित्यिक समारोहों में प्रतिभाग कर चुके हैं और साहित्य के क्षेत्र में उन्हें 42 देशों की संस्थाओं से सम्मानित किया जा चुका है जिनमें 19 देशों से 28 ऑनरेरी डॉक्टरेट एवं 4 डीलिट, 5 देशों से 9 अंतरराष्ट्रीय सम्मान, 7 राज्यों से 13 राष्ट्रीय सम्मान, 12 देशों से 30 डिप्लोमा , इंडोनेशिया से बैचलर ऑफ साइंस, मास्टर ऑफ साइंस, यमन से डिग्री ऑफ कल्चरल डिप्लोमेसी, 13 देशों से 113 उपाधियां, 418 सम्मान, पुरस्कार तथा 215 प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं।

