बदायूं में थानाध्यक्ष, दो दरोगा और एक सिपाही निलंबित, संभल में दबिश के दौरान मौत और FIR में देरी का मामला

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। संभल में दबिश के दौरान एक व्यक्ति की मौत और युवती को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में FIR दर्ज करने में देरी को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। बदायूं के फैजगंज बेहटा थाने के थानाध्यक्ष समेत दो दरोगा और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है।
घटना 3 फरवरी को हुई थी, जब फैजगंज बेहटा थाने में तैनात दरोगा मामराज, लियाकत और सिपाही संजय बिना रवानगी दर्ज कराए संभल के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने संभल के कैलादेवी थाने में भी अपनी आमद दर्ज नहीं कराई थी। खास बात यह थी कि उस समय तक युवती की ओर से कोई नामजद मुकदमा दर्ज नहीं किया गया था। इसके बावजूद, पुलिस टीम सीधे नारंगपुर गांव में दबिश देने पहुंच गई। पुलिस को देखकर आरोपी अनिकेत के पिता हरचरन भागने लगे और इसी दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस टीम चुपचाप लौट आई, जबकि परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया।
परिजनों के हंगामे के बाद 3 फरवरी की रात करीब 8:20 बजे अनिकेत समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। एडीजी बरेली जोन के निर्देश पर संभल एसपी से रिपोर्ट मांगी गई, जिसमें पुलिसकर्मियों द्वारा आमद दर्ज न कराने की बात सामने आई। इसके बाद बदायूं एसएसपी डॉ. बृजेश सिंह ने सीओ बिसौली सुनील सिंह से मामले की जांच कराई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दरोगा मामराज, लियाकत और सिपाही संजय बिना मुकदमा दर्ज हुए और बिना रवानगी के दबिश देने गए थे। वहीं, थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने तहरीर पर 10 दिन तक मुकदमा दर्ज नहीं किया था। इस रिपोर्ट के आधार पर चारों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच जारी है।

इनको मिला थाने का चार्ज…

एसएसपी द्वारा की गई निलंबन की कार्रवाई के बाद प्रभारी 112 मनोज कुमार वर्मा को फैजगंज बेहटा थाने का प्रभारी बनाया गया है।

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