बदायूॅं जनमत। बिसौली नगर की बड़ी मस्जिद में माहे रमजान की 27वीं शब को नमाज ए तरावीह के दौरान कुरआन मुकम्मल होने की खुशी में जलसे का आयोजन किया गया। इस दौरान तरावीह में कुरान सुनाने वाले हाफिज जैनुल आब्दीन को फूल मालाएं पहनाकर एवं तौहफे देकर सम्मानित किया गया।
मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना इफ्तेखार हुसैन अशरफी ने कहा कि सच्चा मुसलमान वही है जो दीन के रास्ते पर चलकर एक अच्छा और नेक इंसान बने। कादरी मस्जिद के इमाम कारी अफलाक रज़ा उबैसी ने मुसलमानों को अपनी पिछली बुराइयों से तौबा कर दीन के बताए रास्ते पर चलने की हिदायत दी। रज़ा मस्जिद के इमाम हाफिज शरीफ रजा जामी ने कहा कि अल्लाह ने रोजें और नमाज को फर्ज किया है। उन्होंने कहा कि इस मुकद्दस महीने में कुरआन नाजिल हुआ। कुरआन की तिलावत करने वाले और उसे श्रद्धा से सुनने वाले को बराबर का सवाब मिलता है। मस्जिद बिलाल के इमाम हाफिज शादाब रजा उवैसी ने कहा कि असल रोजा वो है जिससे अल्लाह राजी हो जाए। हाथ उठे तो भलाई के लिए, कान सुने तो नेकी के लिए, आंख देखें तो जायज चीजों के लिए। आखिर में बड़ी मस्जिद के इमाम बिलाल रजा नूरी ने सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।
इस अवसर पर हाफिज मजहर खान, हाफिज मुक्तदिर अहमद, मदरसा फैजान ए रजाए मुस्तफा के सदर इरशाद खां, बड़ी मस्जिद के सदर मुन्ने खां, सैय्यद मुस्तफा अली, रहीस अहमद अंसारी, अनीस फारूकी, सरताज सलमानी, हाजी हबीब खां, नाजिम खां, सरफराज सलमानी आदि मौजूद रहे।

