बदायूॅं जनमत। जिले में फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने वाले संगठित गिरोह का हजरतपुर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, आधार कार्ड और संबंधित दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिससे उनके संगठित और सुनियोजित तरीके से कार्य करने का खुलासा हुआ है। इनके स्तर से बनाए गए आधार कार्ड किसी अपराधिक गतिविधि में तो नहीं प्रयोग हुए हैं, पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।
सीओ दातागंज राहुल पांडेय ने बताया कि थाना प्रभारी हजरतपुर के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने बृहस्पतिवार को सूचना के आधार पर ग्राम जमालपुर के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों कादरचौक के मुंशी नगला निवासी फरमान, थाना अलापुर के गांव उपरैला निवासी अनुज कुमार और थाना उझानी के गांव सिरसौली निवासी ब्रजनंदन शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आधार कार्ड बनाने का धंधा कर रहे थे।
सीओ राहुल पांडेय ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आधुनिक तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल कर आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की कूटरचना करते थे। मौके से तीन लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, एक प्रिंटर, दो फिंगरप्रिंट मशीन, दो आई स्कैनर, 70 मूल आधार कार्ड, 198 आधार स्लिप, एक हजार रुपये नकद, माउस, कैमरा और अन्य महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए गए हैं। बरामद सामग्री से यह स्पष्ट है कि गिरोह काफी समय से सक्रिय होकर सुनियोजित तरीके से फर्जीवाड़ा कर रहा था। सीओ ने बताया कि आरोपी एक आधार कार्ड बनाने के एवज में 360 रुपये वसूलते थे।
कई राज्यों तक नेटवर्क होने की आशंका…
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि गिरोह का नेटवर्क स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य जनपदों और राज्यों तक भी इसकी पहुंच हो सकती है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान करने के प्रयास में जुटी हुई है। इस मामले में थाना हजरतपुर पर केस दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों को विधिक कार्रवाई पूर्ण करते हुए न्यायालय में पेश कर दिया गया, जहां से वह जेल भेजे गए हैं।
अधिकृत केंद्रों से ही बनवाएं आधार कार्ड…
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से फर्जी दस्तावेज तैयार कर अपराध को बढ़ावा देने वाले गिरोहों के खिलाफ सख्त संदेश गया है। साथ ही, आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने पहचान पत्र केवल अधिकृत केंद्रों से ही बनवाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

