विरोध प्रदर्शन के दौरान बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों ने समझौता पत्र दहन किया, नारेबाजी हुई

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा स्वयं के आदेश का उल्लंघन कर 33/11 के वी विद्युत उप केन्द्रों के परिचालन व अनुरक्षण कार्य में तैनात लगभग 25 हजार बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की छटनी करने, छटनी के उपरान्त मानक निर्धारित करने के लिए मानक समिति का गठन करने, अपने आदेश दिनांक 18-9-2025 का पालन करते हुए कार्य के अनुरूप अनुबंध न करने, वेतन रुपया 18 हजार निर्धारित न करने, मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को कार्य पर वापस न लेने, घायल कर्मचारियों का कैशलेश इलाज न कराने एवं घायल कर्मचारियों द्वारा उपचार में व्यय की गई धनराशि को संविदाकारों के बिल से काटकर भुगतान न करने, 55 वर्ष का हवाला देकर अनुभवी कर्मचारियों को कार्य से हटाने, वर्टिकल व्यवस्था लागू करने, जांच अधिकारियों द्वारा दी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर भ्रष्ट ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई न करने, मीटर रीडरों को न्यूनतम वेतन के हिसाब से वेतन का भुगतान न करने तथा स्मार्ट मीटर लगने की स्थिति में मीटर रीडरों को कार्य से हटाने के खिलाफ संगठन ने शक्ति भवन लखनऊ पर शान्ति पूर्वक विरोध प्रदर्शन किया गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान निदेशक (कार्मिक प्रबंधन एवं प्रशासन) शक्ति भवन लखनऊ कि अध्यक्षता में पावर कार्पोरेशन प्रबंधन व संगठन पदाधिकारियों के बीच बैठक वार्ता सम्पन्न हुई।
बैठक वार्ता में बनी सहमति के अनुरूप न होने के कारण संगठन ने शनिवार को प्रदेश के भिन्न-भिन्न जनपदों में विरोध प्रदर्शन किया। जिसके चलते जनपद के भिन्न भिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर शाम चार बजे सभी संविदा कर्मचारियों द्वारा अपने अपने उपकेंद्रों पर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन किया गया। ऊर्जा प्रबंधन के विरुद्ध नारेबाजी की गई। साथ ही विद्युत उपकेंद्र परवेज नगर पर कार्यवृत्त की प्रति का दहन किया गया।
इस दौरान हरीश चंद्र यादव, राजीव कुमार, अमर सिंह, प्रेमपाल, रविन्द्र कुमार, धर्मेन्द्र यादव, हेम सिंह, अजब सिंह, भगवान सिंह, जगतपाल, अशोक यादव, जितेन्द्र उर्फ गुड्डू आदि संविदा कर्मचारी उपस्थित रहे।

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