लखनऊ जनमत। राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में लगी भीषण और दर्दनाक आग की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस भयानक अग्निकांड की त्रासदी और इसमें जान गंवाने वाले मासूमों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक बेहद भावुक हो गए। मीडिया से बात करने के दौरान इस दर्दनाक घटना का जिक्र आते ही डिप्टी CM खुद को संभाल नहीं पाए और कैमरे के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े।
दम घुटने के कारण नहीं बच पाए मासूम बच्चे…
डिप्टी CM ने बताया कि घटना के समय यह एक एनिमेशन सेंटर के रूप में संचालित हो रहा था, जहां गर्मी की छुट्टियों के दौरान 15, 16 और 17 साल के बच्चे कार्टून बनाने और एनिमेशन सीखने के लिए आते थे।
अचानक आग भड़कने के बाद घटना कैसे घटी? इसकी सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन आग लगते ही बच्चे जान बचाने के लिए पीछे की तरफ भागे। सेंटर के भीतर लकड़ी का बहुत सारा फर्नीचर मौजूद था। आग लगने के कारण लकड़ी के फर्नीचर से इतना घना और जहरीला धुआं निकला कि बच्चे उसकी चपेट में आ गए और धुएं के गुबार के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए।
15 शव बाहर निकाले गए, घायलों को भेजा गया KGMC…
हादसे के वक्त सेंटर के भीतर कुल कितने बच्चे मौजूद थे, इसका सटीक आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लेकिन इस भयानक त्रासदी में अब तक 15 बच्चों के शवों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से 14 शवों को प्रत्यक्ष रूप से देखा गया है। इसके अलावा, हादसे में झुलसे और घायल हुए बच्चों को तुरंत इलाज के लिए केजीएमसी (KGMC) ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है।
मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह और DGP मौके पर…
डिप्टी CM पाठक ने बताया कि इस बेहद गंभीर दुर्घटना के बाद सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रमुख सचिव गृह और DGP मौके पर पहुंचे हैं। शासन की ओर से इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय जांच के सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अधिकारियों को साफ निर्देश दिया गया है कि घटना के कारणों की गहराई से जांच की जाए कि यह हादसा कैसे हुआ और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न घटे, इसे सुनिश्चित करते हुए जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।




