बदायूॅं जनमत। बिसौली तहसील में ग्राम पंचायत सचिवों और सीओ कार्यालय के बीच हुआ विवाद तूल पकड़ गया। ग्राम पंचायत सचिव संघ ने सीओ अंशुमन श्रीवास्तव पर कार्यालय के भीतर अभद्रता करने, जूता दिखाकर धमकाने और मोबाइल छीनने का गंभीर आरोप लगाया है। विरोध में विकास खंड बिसौली के अधिकांश ग्राम पंचायत सचिव सीओ कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए।
ग्राम पंचायत सचिव अंकुर पारासरी ने आरोप लगाया कि वह किसी सरकारी कार्य से सीओ कार्यालय गए थे। इस दौरान सीओ ने उनके साथ कार्यालय के भीतर गाली-गलौज की। विरोध करने पर जूता दिखाकर धमकाया गया और उनका मोबाइल भी छीन लिया गया। अंकुर पारासरी ने कहा, “हम सरकारी काम से गए थे। लेकिन वहां सम्मान के बजाय अपमान मिला। अगर अधिकारियों का व्यवहार ऐसा रहेगा तो हम फील्ड में कैसे काम करेंगे। हमारी मांग है कि सीओ सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।”
आरोप लगते ही बिसौली विकास खंड के ज्यादातर ग्राम पंचायत सचिव एकजुट हो गए और सीओ कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। सचिवों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और उच्चाधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। धरने पर बैठे सचिवों का कहना है कि जब तक सीओ सार्वजनिक माफी नहीं मांगते और लिखित आश्वासन नहीं देते, तब तक धरना जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे जिले में आंदोलन तेज किया जाएगा।
सीओ बोले- मैंने किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया…
सीओ बिसौली अंशुमन श्रीवास्तव ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सचिव को केवल एक मामले की जांच के सिलसिले में कार्यालय बुलाया गया था। इस दौरान कोई अभद्रता नहीं हुई, न ही किसी का मोबाइल छीना गया। सीओ ने कहा, “मैंने किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया। जांच के लिए बुलाना मेरी जिम्मेदारी है। आरोप बेबुनियाद हैं।”
घटना के बाद तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया। सचिव संघ ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन भेजकर निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल बिसौली सीओ कार्यालय के बाहर धरना जारी है। प्रशासन के अधिकारियों ने सचिवों से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास शुरू कर दिया है।


