बदायूॅं जनमत। समाजवादी पार्टी के नेता, मुख्य सचेतक, लोक लेखा समिति के सदस्य तथा सांसद धर्मेन्द्र यादव ने राम मंदिर के चंदा चोरी को लेकर लोकसभा में प्रश्न उठाया।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले के बाद अयोध्या में प्रभु श्री राम जन्मभूमि निर्माण का कार्य आरंभ हुआ था, इस आदेश को केंद्र की भाजपा सरकार ने अपनी उपलब्धि के रूप प्रसारित व प्रचारित किया था तथा एक गैजट्स नोट के साथ एक ट्रस्ट का गठन किया था। जिसकी जिम्मेदारी मंदिर निर्माण, उससे जुड़े सभी कार्यों को देखना था।इसी ट्रस्ट के द्वारा जमीन खरीद/मंदिर निर्माण/मैनेजमेंट/दान दक्षिणा से जुड़े सभी कार्य होते आए हैं। हाल ही मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस मंदिर में हजारों करोड़ रुपए की चंदा चोरी/घोटाले का मामला उजागर हुआ है, ऐसी स्थिति में केंद्र की भाजपा सरकार बताए कि जिस ट्रस्ट की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की गई और जिसमें केंद्र तथा राज्य दोनों सरकारों के प्रतिनिधि हों, इस चंदा चोरी के लिए कौन जिम्मेदार है?
क्या केंद्र सरकार को नहीं लगता कि इस कुर्कत्य से देश-विदेश में करोड़ों सनातनियों की आस्था पर चोट तथा कुठाराघात हुआ है?
यदि हाँ ? तो सरकार बताए कि इस चंदा चोरी में कौन और कितने लोग दोषी हैं और उन्हें कब तक सजा मिल जाएगी?


