बदायूँ जनमत। इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला का चेहल्लुम (अरबईन) मंगलवार को अकीदत के साथ मनाया गया। इस दौरान शहर के इमामबाड़ा मुत्तक़ीन, सय्यदबाडा से निकाला गया। अपने मुकर्रर रास्तों हकीम वाला, चक्कर की सड़क, कादरी गेट से होता हुआ कर्बला क़ाज़ी हौज़ पहुंचकर सम्पन्न हुआ। जुलूस में शिया समुदाय ने अलम, ताजिया, का जुलूस निकाला। अजादार नौहा मातम कर इमाम हुसैन को खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
हैदरी टास्क फोर्स बदायूं ओर से शाम चार बजे सय्यदबाडा स्थित इमाम बारगाह ए मुत्तक़ीन से जुलूस निकाला गया। अध्यक्ष कैफ़ी ज़ैदी ने बताया कि मजलिस की शुरुआत अनफ रिज़वान, आमिर अब्बास, एड. अनवर आलम बदायूंनी के सोजख्वानी से हुई। पेशखानी अमजद इलाहाबादी ने की। ज़ाकिर ए अहलेबैत ग़ुलाम अब्बास ने खिताब किया। जुलूस मे नोहखवानी मिन्हाल, रज़ा, जुनैद आदि लोगो ने की। हैदरी टास्क फोर्स के मीडिया प्रभारी ज़ैनुल इबा ज़ैदी ने बताया कि कर्बला में इमाम हुसैन की शहादत के 40 दिन पूरे होने पर चेहल्लुम मनाया जाता है। कहा कि यह सिलसिला 1400 साल से चला आ रहा है। पहला चेहल्लुम उनके घरवालों ने मनाया। कर्बला के शहीदों को याद किया।
कैफ़ी ज़ैदी ने पुलिस प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। जुलूस में जाबिर ज़ैदी, फहीम हैदर, जावेद अब्बास, क़ासिम अब्बास, साइब रिज़वान, हसन आरज़ू, नावेद, सोनू, इसरार अहमद, इक़रार अहमद आदि शिया समुदाय के लोग शामिल हुए।
उसहैत में सुन्नी समुदाय ने निकाला चेहल्लुम का जुलूस…
कस्बा उसहैत में सुन्नी हुसैनी कमेटी की देखरेख में चेहल्लुम के मौके पर जुलूस निकाला गया। जुलूस बाद नमाज ए इशा बड़े इमामबाड़े से शुरू हुआ। हुसैनी गली, बस स्टैंड, थाना गेट, कालसेन मंदिर होता हुआ मोहल्ला पश्चिम पहुंचा। जुलूस में हुसैनी अखाड़ा भी साथ चला। इस रात लोगों ने जिक्र ए शोहदाए कर्बला किया और फात्हांख्वानी की। जुलूस में या हुसैन की सदाएं बुलंद होती रहीं।
इस दौरान कमेटी अध्यक्ष आसिफ नियाजी, सैयद शाहिद अली, हन्नान मियां, शाहनवाज खां, मोअज्जम खां नियाजी, अशरफ नियाजी, परवेज अली आदि का सहयोग रहा।


