मुंबई जनमत। धारावी सेक्टर 6 परिसर में अदाणी नवभारत मेगा डेवलपर के काम से संबंधित RMC डंपर और भारी वाहन तेज गति से आते-जाते देखे गए। टी. एच. कटारिया मार्ग और माटुंगा लेबर कैंप परिसर से गुजरने वाले इन भारी वाहनों के कारण निवासियों, पैदल यात्रियों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा का गंभीर सवाल खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस परिसर में पहले भी भारी वाहनों से जुड़े चार गंभीर हादसे हो चुके हैं। लेकिन उसके बाद चालकों पर, संबंधित ठेकेदारों पर या यातायात प्रबंधन पर वास्तव में क्या कार्रवाई की गई, इसकी जानकारी नागरिकों के सामने नहीं आई है। नागरिकों की शिकायत है कि कुछ वाहन चालक लापरवाही से और अत्यधिक तेज गति से वाहन चला रहे हैं। कुछ चालकों द्वारा शराब पीकर वाहन चलाने का भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है। इसलिए यातायात पुलिस द्वारा नियमित रूप से ड्राइविंग लाइसेंस जांच और वाहनों की फिटनेस जांच की जानी चाहिए।
विशेष रूप से हार्बर रेलवे के पास माटुंगा लेबर कैंप ब्रिज की वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक दिखाई दे रही है। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही और ब्रिज की स्थिति को देखते हुए, कोई भी दुर्घटना होने से पहले रेलवे, महा नगर पालिका और संबंधित तकनीकी विभागों द्वारा तत्काल संयुक्त संरचनात्मक जांच करना आवश्यक है।
हमारी प्रमुख मांगें…
सेक्टर 6 और टी. एच. कटारिया मार्ग पर RMC डंपर और भारी वाहनों के लिए कठोर गति सीमा लागू की जाए। प्रत्येक RMC वाहन चालक का टेस्ट और लाइसेंस जांच की जाए। सुबह-शाम भीड़ के समय भारी वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी लगाई जाए। स्कूलों, बस्तियों, पैदल मार्गों और ब्रिज परिसर में प्रशिक्षित ट्रैफिक मार्शल तैनात किए जाएं। पिछले चार हादसों की स्वतंत्र जांच कर कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाए। माटुंगा लेबर कैंप – हार्बर रेलवे परिसर के ब्रिज का तत्काल स्ट्रक्चर सेफ्टी ऑडिट किया जाए। संबंधित विकासक और ठेकेदार द्वारा नागरिकों की सुरक्षा के लिए मंजूर ट्राफिक मैनेजमेंट प्लान सार्वजनिक किया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और चालकों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।
(रिपोर्ट – सैय्यद जाहिद अली रियासत)


