बदायूं के मझिया गांव में फैला बुखार; दो बच्चियों समेत तीन की मौत, 10 ग्रामीण बीमार

स्वास्थ्य

बदायूॅं जनमत‌। जगत ब्लॉक के मझिया गांव में इन दिनों बुखार का प्रकोप जारी है। दो दिन के अंदर बुखार से दो बच्चियों समेत तीन की मौत हो गई। गांव में अभी भी करीब 10 लोग बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं। गांव के अरविंद की चार वर्षीय बेटी प्रिया सागर को पिछले चार दिन से बुखार आ रहा था। परिजन गांव में ही उपचार करा रहे थे। रविवार सुबह अचानक उसे तेज बुखार चढ़ा। परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी कर ही रहे थे, इससे पहले उसकी सांसें थम गई। बच्ची की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
गांव के ही संजीव की 11 वर्षीय बेटी निशा भी बुखार से पीड़ित था। परिजन उसका इलाज निजी डॉक्टर से करा रहे थे। उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बुखार के चलते उसकी मौत हो गई। गांव के ही 60 वर्षीय नेत्रराम पिछले तीन दिन से बुखार से पीड़ित थे। गांव में ही इलाज करा रहे थे। शनिवार को उनकी भी मौत हो गई थी। बद्री प्रसाद के अनुसार गांव में अभी भी करीब 10 लोग बुखार से पीड़ित हैं। दो दिन में तीन लोगों की मौत होने से ग्रामीणों में बीमारी को लेकर डर बना हुआ है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के गार्ड की मौत

गुलड़िया व हाल निवासी चंद्रशील नगर निवासी जुगेंद्र सिंह रिटायर्ड फौजी थे। वह राजकीय मेडिकल कॉलेज में गार्ड के पद पर काम करते थे। एक सप्ताह पहले उनको बुखार आया था। परिजनों के मुताबिक बुखार आने के बाद में वहीं पर इलाज कराया था। बुखार न उतरने पर खून की जांच कराई थी। इसमें वह डेंगू पॉजिटिव पाए गए। हालत बिगड़ने पर परिजन उनको बरेली के एक निजी अस्पताल में चले गए। वहां पर उनका इलाज कराया। लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। उनकी मौत हो गई।

मझिया गांव में गंदगी से बिगड़े हालात

ग्रामीणों के मुताबिक गांव में सफाई व्यवस्था नियमित नहीं है। नालियों और आसपास के स्थानों की सफाई नहीं होने से गंदगी बनी हुई है। तालाब से पानी की निकासी और जलभराव दूर कराने के लिए भी प्रभावी कदम नहीं उठाए हैं। गांव में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने और मौतों के बाद भी पंचायती राज विभाग की ओर से सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की पहल नजर नहीं आ रही है।

मलेरिया विभाग ने मच्छरों से बचाव के नहीं किए इंतजाम

ग्रामीण अमन, खेम सिंह, हरवंश, मोनेंद्र सिंह आदि ने बताया कि मलेरिया विभाग ने भी मझिया गांव में मच्छरों से बचाव के इंतजाम नहीं किए हैं। जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों के लार्वा की जांच, एंटी लार्वा छिड़काव और जरूरत के अनुसार फॉगिंग कराई जानी चाहिए थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। सफाई और मच्छरों से बचाव के इंतजाम नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि मझिया गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर मौतों का ऑडिट कराया जाएगा। मौत होने की क्या वजह है। साथ ही गांव में शिविर लगाकर बुखार पीड़ितों की जांच कर दवा का वितरण किया जाएगा।

मझिया गांव में लगा गंदगी का ढ़ेर : जनमत एक्सप्रेस

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