जनमत एक्सप्रेस। बरेली के मेयर डॉक्टर उमेश गौतम और दो जजों पर एक महिला ने गैंगरेप करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि सिविल लाइन्स में उसका रास्ते से अपहरण किया गया और फिर चलती कार में उसके साथ मेयर और जजों ने गैंगरेप किया। महिला की तहरीर पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वहीं मेयर का कहना है कि ये मेरे खिलाफ एक साजिश है।
बरेली के एसएसपी ऑफिस पहुंची इस महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस उसका साथ नहीं दे रही है। मेयर उसे लगातार धमकियां दे रहे हैं। महिला का कहना है कि अगर उसे इंसाफ नहीं मिला तो वह सीएम आवास के सामने आत्मदाह कर लेगी। महिला का कहना है कि उसका 6 जनवरी को रामपुर गार्डन में कार सवार लोगों ने अपहरण किया। कार में मेयर उमेश गौतम और दो जज मौजूद थे। चौथा व्यक्ति मेयर का ड्राइवर था। ड्राइवर कार चलाता रहा और चलती कार में मेयर और दोनों जज उसके साथ रेप करते रहे। विरोध करने पर उसे बहुत मारा पीटा। गैंगरेप के बाद उसे सड़क पर फेंक कर ये लोग चले गए।

महिला ने बताया, ‘मैं लहूलुहान हालत में कड़ाके की सर्दी में रात करीब 1 बजे तक सड़क पर पड़ी रही। जब मेयर के खिलाफ तहरीर दी तो पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस कह रही है कि तुम जो आरोप लगा रही हो वह फर्जी है।’ वहीं, इस मामले में मेयर उमेश गौतम का कहना है कि वह इस महिला को जानते भी नहीं हैं। महिला के जो आरोप लगाए हैं वो उनके खिलाफ एक सोची समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि राजनीति में बढ़ते उनके रसूख की वजह से उनके खिलाफ ये एक राजनीतिक षड्यंत्र है।
महिला ने जो आरोप लगाए है पुलिस ने उस दिन के सारे सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए है। जिसमे महिला के बयानों की पुष्टि नहीं हो रही है। वहीं, इस मामले में एसपी सिटी राहुल भाटी का कहना है किं महिला की तहरीर पर गैंगरेप का मुकदमा दर्ज किया गया है। महिला के आरोपों की जांच करवाई जा रही है। फिलहाल महिला के बयानों में काफी विरोधाभास नजर आ रहा है। जिससे लगता है कि मामला कही न कहीं संदिग्ध है।

