बदायूॅं जनमत। नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी पुजारी को कोर्ट ने कड़ी सजा सुनाई है। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को 20 साल कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। मामले में सहआरोपी बने दोषी के भाई को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया गया है।
विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी के अनुसार, यह घटना सिविल लाइंस क्षेत्र के एक गांव में 2014 में हुई थी। पीड़िता की मां ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपी राजेंद्र गांव बरसुनिया के ब्राह्मदेव मंदिर का पुजारी था। पुजारी होने के कारण उसका पीड़िता के घर आना-जाना था। 14 जुलाई 2014 को राजेंद्र 15 वर्षीय पीड़िता को बहलाकर अपने साथ ले गया। मुकदमे में राजेंद्र के साथ उसके भाइयों और फूफा महेश का नाम भी शामिल था। पुलिस ने पीड़िता को बरामद करने के बाद राजेंद्र और उसके भाई मटरू को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद कोर्ट ने राजेंद्र को दोषी पाया। उसे 20 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। मटरू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। 


