बरेली जनमत। आला हजरत के उर्स में हंगामा और बवाल की खबर सामने आ रही है। आला हजरत के उर्स में चादर जुलूस के दौरान बवाल हुआ। दरअसल, कुछ हिंदुओं ने चादर जुलूस को नई परंपरा कहकर विरोध शुरू कर दिया। इसको लेकर विवाद गहराने लगा। देखते ही देखते हिंदुओं के विरोध पर मुस्लिम भी भड़क गए। इसके बाद हंगामा बढ़ने लगा। बवाल जैसी स्थिति बनती देख पुलिस ने बल प्रयोग का स्थिति को संभाला। दावा किया जा रहा है कि हंगामा कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया गया है। हालांकि, पुलिस ने इस दावे से इनकार किया है। पुलिस मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी हुई है। स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
बरेली एसपी ने दी जानकारी…
बरेली सिटी एसपी मानुष पारीक ने जुलूस के दौरान विवाद और व्यवधान उत्पन्न किए जाने की बात कही है। एसपी सिटी ने कहा कि बरेली जिले के इज्जत नगर थाना क्षेत्र के ग्राम खजुरिया से आला हजरत उर्स के दूसरे दिन चादर का जुलूस गांव से शुरू होकर आला हजरत दरगाह पर जाता है। इस जुलूस के कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले से सहमति थी। इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता भी हुआ।
सिटी एसपी ने कहा कि 19 अगस्त को दोपहर में इस जुलूस कार्यक्रम के दौरान कुछ स्थानीय लोगों की ओर से चादर खोलने के स्थान को लेकर विवाद और व्यवधान करने का प्रयास किया गया। मौके पर मौजूद पुलिस बल की ओर से समझाया गया कि जुलूस लिखित समझौते के अनुसार चल रहा है। लगातार व्यवधान पैदा करने पर इन लोगों को डांट-फटकार कर हटाया गया।
लाठीचार्ज से इनकार…
सिटी एसपी ने लाठीचार्ज जैसी किसी भी घटना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने मौके पर मौजूद पुलिस बल पर कतिपय झूठे आरोप लगाते हुए अफवाह फैलाने का प्रयास किया। इसका उसी समय खंडन किया गया। मामले में वर्तमान प्रधान और पूर्व प्रधान के बीच आपसी कटुता के कारण भी प्रकरण को विवादित कर तुल देने का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। सिटी एसपी ने कहा कि इस संबंध में जांच के बाद दोषी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अगर कोई पक्ष लिखित प्रार्थना पत्र देता है तो सत्यता की जांच कर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद है और स्थिति सामान्य है।
107वें उर्स का हुआ आगाज…
बरेली में आला हजरत के 107वें उर्स-ए-रजवी का आगाज अहम फैसलों और समाज सुधार की घोषणाओं के साथ हुआ। उर्स के पहले दिन उलमा ने मुस्लिम समाज में फैली बुराइयों के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन चलाने का ऐलान किया। वहीं दरगाह ताजुश्शरिया और सोसाइटी की ओर से गरीब मरीजों के लिए मुफ्त ऑपरेशन और छात्रों को एडवांस कंप्यूटर कोर्स उपलब्ध कराने की घोषणा की गई।

