बदायूॅं जनमत। अस्थि विसर्जन करने के बाद गंगा में नहाते समय राजस्थान के चार लोग बह गए। उन्हें डूबता देख चीख-मचने पर जुटे गोताखोरों ने महिला समेत तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक अन्य महिला का पता नहीं लग पाया। पीएसी के गोताखोरों ने लापता महिला की तलाश में खोजबीन शुरू कर दी है।
हादसा उझानी क्षेत्र के कछला गंगा घाट पर रविवार सुबह करीब नौ बजे हुआ। राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ थाना क्षेत्र में सैंथली का बांस निवासी नानकराम की चाची की अस्थियां विसर्जन के लिए महिलाओं समेत एक ही परिवार के आठ लोग घाट पर पहुंचे थे। कार से आए लोगों ने पुरोहितों से मंत्रोच्चार कराकर अस्थियां विसर्जित कीं। इसके बाद गंगा में नहाते समय मंगला देवी पत्नी नानकराम, खेमचंद्र, ललिता पत्नी किशोरी लाल और गोकुलराम मीणा गहराई की ओर बढ़ गए। उसी दौरान महिलाओं समेत चारों बहने लगे। घाट पर मौजूद परिवार के अन्य लोगों ने बचाव के लिए चीख पुकार मचाई तो गोताखोर भी गंगा में कूद पड़े। स्थानीय और पीएसी के गोताखोरों ने गोकुलराम, ललिता और खेमचंद्र को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन मंगलादेवी (55) नजर नहीं आईं। चौकी से पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। पुलिसकर्मियों ने पीएसी के स्टीमर से खोजबीन शुरू करवा दी। प्रभारी निरीक्षक नीरज कुमार मलिक ने बताया कि लापता मंगला देवी का अभी तक सुराग नहीं लग पाया है।

