बदायूॅं जनमत। फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के गांव मोहकमपुर के रहने वाले रत्नेश यादव शिक्षामित्र पद पर कार्यरत थे। परिजनों का आरोप है कि उनको एसआईआर के काम के लिए बिसौली तहसील में दोपहर तीन बजे से रात 11 बजे तक लगाया गया था। बृहस्पतिवार की रात को वह ड्यूटी से घर लौटे और खाना खाने के बाद सोने कमरे में चले गए। अचानक उनके सीने में दर्द होने लगा। कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि रत्नेश यादव से किसी भी प्रकार का एसआईआर का काम नहीं कराया जा रहा था।
मृतक की पत्नी मंजू ने मुख्यमंत्री समेत जिले के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया है। बताया है कि उनके पति रत्नेश गांव पिसनहारी के स्कूल में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थे। उनको एसआईआर की डयूटी पर लगाया गया था। वह दोपहर तीन बजे से रात 11 बजे तक वह ड्यूटी कर रहे थे। बृहस्पतिवार की रात को वह ड्यूटी से घर आए। रात करीब 12 बजे उनके सीने में तेज दर्द होने लगा। परिवार के लोग उनको निजी डॉक्टर के पास ले गए जहां हार्ट अटैक से मौत होने की पुष्टि हुई है। शिक्षामित्र की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जिले में एसआईआर का काम 99 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। जबकि एसआईआर के काम को पूरा कराने के लिए चुनाव आयोग की ओर से 26 दिसंबर तक का समय दिया गया है। ऐसे में जनपद में किसी भी अधिकारी, कर्मचारी पर कोई भी दवाब नहीं है। जिनकी मृत्यु हुई है, उनको एसआईआर के काम में नहीं लगाया गया था। -डॉ. वैभव शर्मा, एडीएम एफआर
एसआईआर के काम से शिक्षामित्र को कोई भी लेना-देना नहीं है, वह न तो बीएलओ के रूप में तैनात थे, और न उनसे किसी भी प्रकार का एसआईआर का काम कराया जा रहा था। -राशि कृष्णा, एसडीएम बिसौली

