बदायूं में राष्ट्रीय लोक अदालत में 49071 वादों का निस्तारण, मोटर दुर्घटना के पीड़ितों को 34934600 रुपये मिले

उत्तर प्रदेश

बदायूॅं जनमत‌। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं उप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
विवेक संगल, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जनपद न्यायालय परिसर में मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजली अर्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित करके राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विचार व्यक्त किया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत को राष्ट्रीय लोक कल्याणकारी दिवस के रूप में आयोजित किया जाना चाहिए एवं समस्त न्यायिक अधिकारीगणों व बैंक अधिकारीगणों को अधिक से अधिक वादों के निस्तारण के लिए अग्रिम बधाई दी। इसी क्रम में दिव्यांगजन विभाग के अधिकारियों के सौजन्य विवेक संगल, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा दिव्यांगजनों को एक ट्राई साइकिल का वितरण किया गया।
शिव कुमारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुए बताया कि आम-जन न्यायालय में लम्बित विवादों जैसे आपराधिक शमनीय वाद, एनआई एक्ट-अन्तर्गत धारा 138 मोटर दुर्घटना सम्बन्धित वाद, वैवाहिक/पारिवारिक विवाद श्रम सम्बन्धी वाद, भूमि अधिग्रहण सम्बन्धी याद किरायेदारी, ट्रेफिक चालान, राजस्व बाद, विद्युत बिल आदि विवादों का निस्तारण इस राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से करवा सकते है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय एवं अपर प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय द्वारा अपने न्यायालयों में आपसी समझौते के आधार पर पारिवारिक विवादों का निस्तारण किया गया। वीर कनेडी लाल, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण बदायू द्वारा कुल 57 मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाओं का निस्तारण कर अंकन 3 करोड़ 49 लाख 34 हजार 600 रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाई गई। उपभोक्ता फोरम द्वारा 10 वादों में से 07 वादों का निस्तारण कर अंकन 4651791/-रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलायी गयी। स्थाई लोक अदालत द्वारा 10 वादों में से 04 वादों का निस्तारण कर अंकन 1254000/-रुपये की धनराशि पीड़ितों को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाई गई।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा कुल 2051 मामलों का निस्तारण उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन से सम्बन्धित वादों में विभिन्न बैंकों के 1519 मामले, भारत संचार निगम लि• के 30 राजस्व सम्बन्धित 451 मामले 807 स्थानीय निकाय के मामले एवं अन्य प्रकार के 36323 मामले थे। इस प्रकार कुल 41464 प्री-लिटिगेशन मामलों का एवं न्यायालयों में लम्बित फौजदारी एवं सिविल वादों में 7607 वादों का निस्तारण हुआ। इस प्रकार उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 49071 वादों का निस्तारण हुआ।
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय के समस्त सम्मानित न्यायिक अधिकारीगण, जिला सिविल बार एसोशिएशन एवं जिला बार एसोशिएशन के विद्वान अधिवक्तागण, सभी सम्बन्धित बैंक के अधिकारीगण, कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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