बदायूॅं जनमत। सोमवार रात विभागीय भूमि को कब्जामुक्त कराने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले में कार समेत दो वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए। हमलावर ग्रामीणों ने मारपीट की तो वन कर्मियों को जान बचाकर भागना पड़ गया। इसे लेकर इलाके में मंगलवार सुबह तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए डीएफओ निधि चौहान ने एसएसपी डॉ बृजेश कुमार सिंह से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी।
उझानी थाना क्षेत्र के गंगा पार कटरी इलाके के चंदनपुर रेंज में वन विभाग की सैकड़ों बीघा जमीन है। आरोप है कि अधिकतर पर कासगंज जिले में सोरों कोतवाली क्षेत्र और बदायूं जिले की कटरी के ग्रामीणों ने कब्जा कर सरसों और गेहूं की फसल उगा ली है। वन कर्मियों ने पिछले दिनों विभागीय जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए कोशिश शुरू की थी। बताते हैं कि उस वक्त सफलता नहीं मिली तो वन विभाग की टीम रेंजर विक्रेंद्र कुमार, गार्ड वीरेंद्र कुमार, वन दरोगा शुभम प्रताप और आदित्य गंगवार के साथ गंगा पार इलाके में मौके पर पहुंच गई। टीम के साथ कंटीमेंटर और हैरों लगे ट्रैक्टर भी थे।
वन कर्मी ट्रैक्टरों के जरिये फसल की जुताई करके उन्हें कब्जामुक्त कराते, उससे पहले ही ग्रामीणों को भनक लग गई। आरोप है कब्जेदार ग्रामीणों की भीड़ ने खेतों में आकर हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ में शामिल ग्रामीणों ने वन कर्मियों के साथ मारपीट भी की। हमले के दौरान खुद को घिरता देख वन कर्मी वाहनों में बैठकर सुरक्षित स्थान की ओर निकले तो उनके वाहनों में तोड़फोड़ की गई। दोनों वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए।
एक वाहन में तो लोहे की कुल्हाड़ी भी फंस गई। जान बचाकर मौके पर से भागे वन कर्मियों ने तड़के चार बजे कोतवाली आकर पुलिस से शिकायत की। बाद में डीएफओ निधि चौहान के नेतृत्व में वन कर्मी जिला मुख्यालय पर एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह से मिले। इसे लेकर प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि वन कर्मियों पर हमले की जानकारी मिली है, लेकिन कार्रवाई के लिए उनकी ओर से कोतवाली में तहरीर नहीं दी गई है।
डीएफओ निधि चौहान ने बताया कि गंगा किनारे वन विभाग की भूमि है। उस भूमि पर पौधरोपण किया जाना है। पौधरोपण से पहले निरीक्षण कराया गया तो कब्जे का मामला सामने आया था। टीम भूमि कब्जा मुक्त कराने गई तो हमला कर दिया गया। दो वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

