बदायूॅं जनमत। विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत ख्वाजा ग़रीब नवाज़ रह• के 814वें उर्स के मुबारक मौके पर सहसवान में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव मौलाना डॉ यासीन उस्मानी रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समय की बड़ी ज़रूरत है।
उन्होंने कहा कि हजरत ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती यानी ग़रीब नवाज़ हमारे देश की शान हैं। उन्होंने बग़ैर किसी भेद भाव के जनसेवा अमनों शांति और इत्तिहाद का पैग़ाम दिया और अपनी इन सेवाओं से यह साबित किया कि ताक़त और दौलत से नहीं बल्कि किरदार से अल्लाह के बंदों के दिलों को फतह किया जा सकता है।
कार्यक्रम आयोजक हाफ़िज़ इरफ़ान ने कहा कि ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ भूख, शिक्षा और आश्रय का पहला संगठित अभियान हैं। ख़्वाजा साहब का मानना था कि अगर इंसान भूखा है, अशिक्षित है और बेघर है तो सिर्फ़ उपदेश से समाज नहीं बदल सकता।
इसी सोच से उन्होंने अजमेर में एक ऐसा काम शुरू किया, जो आगे चलकर पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में फैल गया। ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ के दरवाज़े से कोई भूखा नहीं लौटता था।
लंगर में न जाति पूछी जाती थी, न धर्म और न ही हैसियत। अमीर और गरीब एक ही पंक्ति में बैठकर खाना खाते थे। यह उस समय की बात है जब समाज ऊंच-नीच में बंटा हुआ था।
गुन्नौर जामा मस्जिद से आए मौलाना मुनफिक क़ादरी ने कहा कि ख़्वाजा साहब की ख़ानक़ाह सिर्फ़ इबादत की जगह नहीं थी, वह इंसानियत की पाठशाला थी।
आचार्य दुर्वेश कुमार ने अपनी तकरीर में कहा कि आश्रय: बेघर को सहारा
मुसाफ़िर हों, ग़रीब हों या सताए हुए लोग ख़ानक़ाह उनके लिए सुरक्षित ठिकाना थी। पन्नालाल इंटर कालेज के प्रिंसिपल सुजीत सिंह ने कहा कि पहली बार किसी मस्जिद/मदरसा के कार्यक्रम में शरीक होने का मौका मिला है। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ भारतीय उपमहाद्वीप के पहले ऐसे महापुरुष थे जिन्होंने भूख, शिक्षा और आश्रय के लिए एक संगठित, व्यापक और निरंतर जन-आधारित अभियान चलाया।
बाबा महेंद्र दास जी महाराज गौबरा आश्रम ने सभी से हाथ जोड़कर विनम्रता से कहा कि एकताबद्ध तरीकों से समाज के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए। ईश्वर के सच्चे बंदे ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती अजमेरी के रास्ता इंसान के दिल से होकर जाता है। विजेंद्र यादव सदस्य जिला पंचायत ने सभी अतिथियों को शाल पहनाकर सम्मानित किया।
मदरसा प्रबंधक हाफ़िज़ अब्दुल हादी, का़री मुसव्विर, मुनाजिर हुसैन, मुकर्रम अंसारी, अजमल अंसारी, नाहिद आलम अंसारी, हर्षित यादव ने अतिथियों को माला पहनाकर स्वागत किया।
अंत में ख़्वाजा हमीदुद्दीन हाशमी सज्जादानशीन आस्ताना गौ़सिया चमनपुरा शरीफ़ ने देश प्रदेश में शांति खुशहाली अमन-चैन कायम रहने की दुआ फ़रमाई। कार्यक्रम में क़ारी राशिद, हकीम नासिर, हाफ़िज़ इक़बाल, हाफ़िज़ नाज़िम, मौलाना अज़ीम, क़ारी इरफ़ान रजा़, हाफ़िज़ इस्लाम, इंजी. शाने आलम, शैवू राईन आदि शामिल हुए।

