बदायूॅं जनमत। जिम्मेदार भले ही लाख दावे कर रहे हों कि सूबे में गैस और डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ और ही है। गांव लेकर शहर कस्बों तक गैस एजेंसियों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। अधिकतर लोगों का कहना है कि उन्हें गैस नहीं मिल पा रही है। वहीं कुछ अवैध दुकानों पर रसोई गैस ब्लैक (कालाबाजारी) की जा रही है। इस ओर जिले के जिम्मेदार अफसरों ने अभी तक ध्यान नहीं दिया है, और न ही कभी तक कोई छापामारी की गई है।
बुधवार सुबह बदायूं शहर स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर भारी भीड़ गैस लेने पहुंची। कुछ को गैस मिल सकी वहीं अधिकतर लोग बेरंग लौट गए। वहीं उसहैत क्षेत्र की एक मात्र मां दुर्गा भारत गैस एजेंसी पर भारी किल्लत की स्थिति पैदा होती जा रही है।
बुधवार को उसहैत थाना का मैंस गैस के अभाव में बंद हो गया, तो थाने की गाड़ी से सिलेंडर मंगाये गये। उधर गांवों के गैस उपभोक्ता घंटों लाइन में लगे रहे तब कहीं जाकर गैस मुहइया हो सकी।
ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि ईरान-इजरायल युद्ध का असर यहां भी दिखाई देने लगा है। गैस के सिलेंडर के दाम 60 रुपये प्रति सिलेंडर बढने के साथ ही गैस न मिलने, पास बुक -ओटीपी आदि की समस्या से भी ग्रामीण परेशान हैं।जिससे बाजार में कालाबाजारी के चलते सिलेंडर 1200 से 1300 प्रति सिलेंडर की कालाबाजारी की जा रही है। जिससे जनता परेशान है। ग्रामीणों ने मोदी सरकार से गैस की किल्लत बंद करने और आपूर्ति बेहतर किये जाने की मांग की है।
इधर भारत गैस एजेंसी मिर्जापुर बसंत के वितरण क्लर्क जितेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि एजेंसी पर गैस उपलब्ध है। शासन के निर्देशों के अनुसार वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि केवल बिना कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को ही परेशानी हो रही है।

