बदायूॅं जनमत। समाजवादी पार्टी के नेता, मुख्य सचेतक व सांसद धर्मेंद्र यादव ने आज संसद में जातीय जनगणना का मुद्दा उठाया।
इस मौके पर धर्मेंद्र यादव ने कहा कि जातिगत जनगणना का निर्णय सामाजिक, वास्तविक तथा आर्थिक आंकड़ों के संकलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, किंतु अत्यंत आश्चर्य और चिंता का विषय है कि इसके पश्चात जारी अधिसूचना में पिछड़ा वर्ग से संबंधित कोई भी पृथक कॉलम शामिल नहीं किया गया है। यदि जातिगत जनगणना में ही पिछड़ी जाति का स्पष्ट वर्गीकरण नहीं होगा तो इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य ही संदिग्ध हो जाता है, पिछड़ा वर्ग देश की सबसे बड़ी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और इनके सटीक आंकड़ों के बिना, न तो नीतियों का वैज्ञानिक निर्णय संभव है और न ही सामाजिक न्याय सुनिश्चित किया जा सकता है। यह स्थिति सामाजिक न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होती है।
उन्होंने आगे कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि तत्काल स्पष्टीकरण दें कि गजट सूचना में ओबीसी कॉलम को क्यों शामिल नहीं किया गया है तथा इसे अविलंब संशोधित कर पिछड़ा वर्ग का स्पष्ट कॉलम जोड़ा जाए। जिससे जातिगत जनगणना का उद्देश्य पूर्ण और पारदर्शी ढंग से पूरा हो सके।


