बदायूॅं जनमत। हज़रत बाबा फरीद के पोते कुत्बे बदायूं, मुफ़्ती शाह मोहम्मद इब्राहीम फ़रीदी रहमतुल्लाह अलैहे के शाहबज़ादे, मोहम्मद अनवर अली सुहैल फ़रीदी सज्जादानशीन आबादानिया फरीदिया बदायूं शरीफ के बड़े भाई मौलवी जब्बार फ़रीदी रहमतुल्लाह अलैहि का इंतकाल कल सोमवार को ज़ोहर की नमाज़ के बाद हो गया था। उनकी तदफ़ीन आज मंगलवार सुबह 10 बजे छोटे सरकार के कब्रिस्तान में किया गया। नमाज़ ए जनाजा हुज़ूर साहिब ए सज्जादा आबादानिया फरीदया मुहम्मद अनवर अली सुहैल फ़रीदी मद्दाज़िल्लाहुल आली ने जामा मस्जिद में अदा कराई। नमाज़े जनाजा में सैकड़ों की तादाद में लोगों ने शिरकत की, मरहूम के वालिद और भाई के हज़ारों मुरीदैन जनाजे में शिरकत करने पहुंचे।
मौलवी जब्बार फ़रीदी रहमतुल्लाह अलैहे फरीदी सिलसिले के साहिब बुजुर्ग थे। आप सोमो सलात और अपनी सादा मीज़ाजी के लिए जाने जाते थे। आप के जनाजे में पूर्व मंत्री, सपा नेता मौलाना डाक्टर यासीन अली उस्मानी, मशहूर शायर कांग्रेस पार्टी के ज़िला सचिव अहमद अमजदी बदायूंनी, मदरसा शाह विलायत के मोहतमिम क़ारी अब्दुल रसूल, जब्बाद फरीदी, नसीम फरीदी देहली, अब्दुल जलील फरीदी, अतहर जावेद फरीदी, अहमद जमाल फरीदी, अमीर खुसरो फरीदी, सऊद फरीदी, अनवर अली खां, हम्माद खां, शोयब फरीदी नोएडा, डाक्टर मुजाहिद नाज़, सगीर सैफी, खेड़ा से मुशाहिद, ज़फ़र इक़बाल, एजाज़, सैय्यद आज़म अली, टीपू, जब्बात भाई, ज़हीर सिद्दीकी इनके अलावा बिहार, देहली, जैपुर, नोएडा, बरेली, फरीदपुर, कुलैट, मुरादाबाद से सैकड़ों की तादाद में उनसे मुहब्बत करने वालों ने अपनी नम आंखों से आख़री दीदार किया।
आखिर में फातिहांख्वानी के बाद हज़रत मुहम्मद अनवर अली सुहैल फ़रीदी सज्जादानशीन आबादानिया फरीदया शरीफ ने सब्र की तस्कीन के साथ शिजरा ए मुबारक और खास दुआ फरमाई।

