बदायूँ जनमत। नगर पालिका परिषद कार्यालय में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पालिकाध्यक्ष फात्मा रज़ा अचानक सुबह करीब 10 बजे कार्यालय पहुंच गईं। उन्होंने 10:16 बजे कार्यालय के दोनों गेट बंद कराकर ताला लगवा दिया और इसके बाद सीधे उपस्थिति रजिस्टर की जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान एई, जेई, राजस्व निरीक्षक समेत कुल 22 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पालिकाध्यक्ष ने सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के आदेश और तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों में कर निर्धारण अधिकारी चंद्र भूषण, जलकल अभियंता नितिन सक्सेना, अवर अभियंता सूर्य प्रताप सिंह, राजस्व निरीक्षक लवी कुमार व राजेंद्र सिंह, मानचित्रकार शरीफ अहमद, लिपिक सचिन सक्सेना, साहिर हुसैन, जहांगीर, मुशाहिद अली, रजनेश चंद्र, परवेज अहमद, कर संचयक राजीव अनेजा, नारायण दत्त शर्मा सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
पालिकाध्यक्ष ने इस कार्रवाई के साथ ही कर्मचारियों के लिए सख्त आदेश भी जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि अब कोई भी कर्मचारी कार्यालय समय में किसी भी कार्य या राजस्व वसूली के लिए बाहर जाता है, तो उसे भ्रमण रजिस्टर में पूरा विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसमें आने-जाने का समय, कार्य और उद्देश्य स्पष्ट रूप से अंकित करना होगा। इसके अलावा, कार्यालय व फील्ड में किए गए कार्यों का दैनिक विवरण भी रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। पालिकाध्यक्ष ने चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना लिखित अनुमति के कोई भी अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस अचानक हुई छापेमारी और कड़ी कार्रवाई से नगर पालिका कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।


