बदायूॅं जनमत। कस्बा उसहैत में बीच वाली मस्जिद के निकट स्थित हज़रत सफातुल्लाह अली (रौशनी वाले दादा मियां) रहमतुल्लाह अलैहि के मज़ार शरीफ पर जश्ने चिरागा का आयोजन हुआ। बता दें कि हर साल चांद की चार तारीख को हज़रत के मज़ार शरीफ पर चिरागा (रौशनी) का आयोजन होता है। हर साल की तरह इस साल भी सभी धर्मों के उनसे आस्था रखने वाले लोगों ने अकीदत के चिराग रौशन किये।
मान्यता है कि हज़रत के मज़ार पर लोगों की मन्नतें पूरी होती हैं। लोग मन्नत मांगने के बाद मज़ार शरीफ से चिराग लेकर जाते हैं और मन्नत पूरी होने के बाद मज़ार शरीफ पर चांदी के चिराग रोशन करते हैं।
बुधवार शाम बाद नमाज ए असर मज़ार के खादिम (मुतवल्ली) आसिम अहमद की सदारत में सबसे पहले कमेटी के तमाम लोगों ने चाद पेश की, चादरपोशी और गुलपोशी व फात्हांख्वानी के बाद जश्ने चिरागा शुरू हुआ, जो देर रात तक चला। नगर सहित दूर दराज से आए हजारों अकीदतमंदों ने गुलपोशी और चादरपोशी की, साथ ही मन्नत के चिराग रोशन किये। आखिर में सलातो सलाम पढ़ा गया। इसके बाद आयोजन का समापन हुआ।
इस दौरान हाफिज सैयद जुबैर अली, शाहनवाज खान उर्फ पप्पी, सैयद शाहिद अली, डॉ समर अहमद, तैय्यब अंसारी, अरशद बाबा, बदर अहमद, राजा, मुजक्किर आदि लोग मौजूद रहे।


